ऐलनाबाद। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के तहत राज्य में किसी भी सार्वजनिक या अनाधिकृत स्थान पर ठोस अपशिष्ट पदार्थ फेंकना पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में जुर्माना लगाया जाएगा। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ईश्वर प्रकाश रावत ने बताया कि पहली बार गैर-बल्क अपशिष्ट को अनाधिकृत स्थान पर फेंकने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति दूसरी बार या उससे अधिक बार ऐसा करता है तो उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर निकाय, कंसेशनायर या बड़े अपशिष्ट उत्पादकों द्वारा पहली बार बल्क अपशिष्ट अनधिकृत स्थान पर डालने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दोबारा उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक की पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूल की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने के अधिकार दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में जुर्माने की राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो इसे भू-राजस्व की बकाया राशि के रूप में वसूल किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि कचरे को केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें तथा स्रोत स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। अनाधिकृत स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति कचरा फेंकने से संबंधित उल्लंघन की शिकायत दर्ज करवाना चाहता है तो वह अपने नजदीकी नगरपालिका कार्यालय या हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकता है।
संवाददाता- रमेश भार्गव
