-गेहूं खरीद केंद्र बंद करने का फैसला किसानों के हित में नहीं: अभय चौटाला
ऐलनाबाद। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की मंडियों में किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट कमेटियों द्वारा लाइसेंस जारी न किए जाने के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाते हुए खरीद केंद्रों को तुरंत शुरू करने की मांग का ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जिस तरह बुढ़ापा पेंशन का मुद्दा महत्वपूर्ण है, उसी तरह किसानों की गेहूं की फसल बेचने के लिए खरीद केंद्रों का मुद्दा भी बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक आदेश जारी कर दूरदराज क्षेत्रों में बने गेहूं खरीद केंद्रों को बंद करने और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। चौटाला ने कहा कि इन खरीद केंद्रों की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल ने की थी और बाद में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किसानों के हित में इन्हें और बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि खरीद केंद्र बंद होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। सरकार ने इस बार स्थानीय खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रणाली अनिवार्य कर दी है, जो खुले स्थानों पर संभव नहीं है, क्योंकि बायोमेट्रिक व्यवस्था के लिए चारदीवारी जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 9000 लाइसेंस धारक हैं और एक लाइसेंस से लगभग 9 लोगों को रोजगार मिलता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि खरीद केंद्रों को बंद नहीं किया जाएगा और इस विषय पर अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। चौटाला ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और इनेलो एक सप्ताह तक सरकार के फैसले का इंतजार करेगी। यदि समाधान नहीं हुआ तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी। सरसों की खरीद को लेकर भी इनेलो अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इनेलो ने 12 मार्च से सरसों की खरीद शुरू करने की मांग की है। प्रदेश के भिवानी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, पलवल और नूंह जिलों में सरसों की फसल तैयार हो चुकी है। इस पर भी मुख्यमंत्री ने जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

राज्यसभा चुनाव के मुद्दे पर अभय सिंह चौटाला ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि इनेलो को बीजेपी की बी टीम कहने से पहले हुड्डा को अपने नेताओं को संभालना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा ने पूर्व कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया। चौटाला ने कहा कि राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले इन नेताओं को प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते चुनाव परिणाम प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा कि हुड्डा को “स्याही कांड” भी याद रखना चाहिए और इस पर जवाब देना चाहिए। चौटाला ने आरोप लगाया कि हुड्डा दो बार मुख्यमंत्री रहने और वकील होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में अपना बैलेट खाली छोड़कर आए थे। उनके मुताबिक आज प्रदेश की जनता मानती है कि हुड्डा ने ही बीजेपी को तीसरी बार सरकार बनाने में मदद की। प्रदेश के आगामी बजट में सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान नहीं किए जाने पर भी चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बजट में प्रावधान न होना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और उन्हें हरियाणा के हितों से कोई सरोकार नहीं है। अभय सिंह चौटाला ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से अफवाहों पर रोक लगाने और लोगों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
संवाददाता- रमेश भार्गव

