-बकाया आबयाना पर सख्ती: दो दिन का अल्टीमेटम, बाराबंदी में कटेगी बारी
चारणवासी। क्षेत्र में बकाया आबयाना जमा कराने के लिए किसानों के पास अब केवल दो दिन का समय शेष है। इसके बाद सिंचाई विभाग बिना किसी सुनवाई के बकायादार किसानों की आगामी बाराबंदी में सिंचाई की बारी काट देगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार आदेश का सख्ती से पालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार एनपी-1 से एनपी-22 तक कुल करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये का आबयाना बकाया है। सरकार के निर्देश पर विभाग ने 20 जनवरी से 8 फरवरी तक ग्राम पंचायत स्तर पर वसूली शिविर आयोजित किए थे, लेकिन अपेक्षित वसूली नहीं हो सकी। इसके बाद मार्च माह में विभागीय अधिकारियों ने अध्यक्षों के साथ गांवों में दोबारा शिविर लगाए तथा किसानों से व्यक्तिगत संपर्क कर बकाया राशि जमा कराने का प्रयास किया। विभाग द्वारा गांवों में लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से भी किसानों से आबयाना जमा कराने की अपील की जा रही है। बावजूद इसके पिछले 38 दिनों में 22 अध्यक्षों और विभाग द्वारा केवल 23 लाख रुपये की ही वसूली हो पाई है, जो कुल बकाया राशि की तुलना में काफी कम है। विभाग के अनुसार एनपी-1 के अध्यक्ष जगदीश भांभू (बरवाली) और एनपी-2 के अध्यक्ष राजपाल बाबल की वसूली कार्य में प्रगति संतोषजनक नहीं है, जिससे राजस्व संग्रहण प्रभावित हो रहा है। वहीं एनपी-8 की स्थिति और भी जटिल बनी हुई है। यहां के अध्यक्ष धर्मपाल डूडी को प्रशासनिक कार्यों में कमी के चलते पद से हटाया जा चुका है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अध्यक्ष द्वारा करीब 2 से 2.5 लाख रुपये की वसूली की गई, जो अभी तक विभागीय राजकोष में जमा नहीं हुई है। विभाग के पास इसका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने से यह राशि कुल वसूली में शामिल नहीं हो पाई है। यदि रिकॉर्ड और राशि जमा होती है तो वसूली का आंकड़ा बढ़ सकता है। इस बीच पांच एनपी क्षेत्रों के अध्यक्षों द्वारा दी गई सूची के आधार पर विभागीय एक्सईएन ने 1626 डिफॉल्टर किसानों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इन किसानों की आगामी बाराबंदी में सिंचाई की बारी काटने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने कहा है कि अन्य अध्यक्षों से सूची प्राप्त होते ही शेष बकायादार किसानों की भी बारी शत-प्रतिशत काट दी जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आबयाना जमा कर विभाग और अध्यक्षों का सहयोग करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जिन अध्यक्षों की वसूली प्रगति रिपोर्ट खराब रहेगी, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि समय पर राजस्व जमा होने से भविष्य में नहरों के रखरखाव और सिंचाई प्रबंधन के कार्यों में तेजी आएगी।
दिन-रात जुटे अध्यक्ष
यूनियन प्रधान व संगम अध्यक्ष गुरमेल सिंह सरदार शिविरों के अलावा किसानों के घर-घर जाकर उनसे बकाया आबयाना राशि जमा कराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं। वहीं एनपी-4 संगम के अध्यक्ष इंद्राज पटीर ने बताया कि बकायादार किसानों की सूची तैयार कर उन्हें विशेष रूप से फोन किए जा रहे हैं तथा ग्रामीण सूचना तंत्र के माध्यम से भी किसानों को आबयाना जमा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अंतिम नोटिस जारी
सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेन्द्र सिंह ने बताया कि बकाया आबयाना जमा कराने के लिए अंतिम नोटिस समाचार पत्रों में प्रकाशित करवा दिया गया है।

अब किसानों के पास केवल दो दिन का समय बचा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि मामूली राशि के कारण वे एक साल तक नहरी पानी से वंचित न रहें।
संवाददाता-जयलाल वर्मा
