हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा के निर्देशानुसार छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस ने सोमवार को क्षेत्र के हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (पीजी) संस्थानों में विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों के साथ-साथ फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं और फायर एनओसी की गहन जांच की गई तथा संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। यह कार्रवाई पुलिस थाना हनुमानगढ़ जंक्शन के थानाधिकारी रामचंद्र कस्वा के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में सहायक उप निरीक्षक कृष्ण लाल एवं पुलिस टीम ने कस्बा हनुमानगढ़ जंक्शन के विभिन्न कोचिंग एवं रिहायशी क्षेत्रों में संचालित हॉस्टल और पीजी का निरीक्षण किया।

फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। पुलिस ने प्रत्येक मंजिल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध होने और उनकी वैधता एवं कार्यशील स्थिति की जांच की। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भवनों में इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया तथा निकास मार्गों को अवरोध मुक्त रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने हॉस्टल एवं पीजी संचालकों को नियमानुसार फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) प्राप्त करने और स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण देने के लिए भी पाबंद किया, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

पुलिस वेरिफिकेशन और रिकॉर्ड संधारण के निर्देश
अभियान के दौरान पुलिस ने सभी छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही संस्थानों में प्रवेश एवं निकास द्वारों सहित संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रखने और आगंतुकों एवं निवासियों का रिकॉर्ड एंट्री रजिस्टर में संधारित करने के लिए कहा गया।
संदिग्ध गतिविधियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि किसी हॉस्टल या पीजी में रहने वाला व्यक्ति किसी अवैध या आपराधिक गतिविधि, जैसे नशाखोरी, अवैध हथियार रखने या अन्य अपराधों में संलिप्त पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ हॉस्टल या पीजी संचालक के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संचालकों को निर्देशित किया गया कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। जानकारी छिपाने वाले संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान रहेगा जारी
थानाधिकारी रामचंद्र कस्वा ने बताया कि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार आगामी दिनों में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
