– सात दिन में सभी विक्रेताओं का होगा निरीक्षण, हनुमानगढ़ ब्लॉक में पहले दिन 25 दुकानों की जांच, स्टॉक रजिस्टर से लेकर यूरिया-डीएपी के वितरण तक का लिया जा रहा हिसाब
हनुमानगढ़। रबी सीजन 2026-27 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करवाने और खाद की कालाबाजारी व डायवर्जन पर निगरानी रखने के लिए कृषि विभाग ने गुण नियंत्रण अभियान शुरू किया है। कृषि आयुक्तालय के निर्देशानुसार बुधवार से शुरू हुए इस सात दिवसीय अभियान के तहत सभी उर्वरक एवं कृषि आदान विक्रेता फर्मांे का निरीक्षण किया जाएगा। कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक आसानी से और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करवाना है। अभियान के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि किसानों को खाद खरीदने में किसी प्रकार की धोखाधड़ी या ठगी का सामना नहीं करना पड़े तथा उर्वरकों के स्टॉक और वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। हनुमानगढ़ ब्लॉक में अभियान के पहले दिन करीब 25 दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन की जांच में किसी दुकान पर अनियमितता नहीं मिली। हनुमानगढ़ ब्लॉक में कुल 1502 लाइसेंस हैं। अभियान के दौरान दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, गोदाम और उपलब्ध उर्वरक की जांच की जा रही है। सहायक निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि सभी दुकानों का निरीक्षण ऑनलाइन क्यूसी (क्वालिटी कंट्रोल) एप के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें यह जांचा जा रहा है कि संबंधित फर्म ने पिछले छह माह में कितनी यूरिया और डीएपी प्राप्त की तथा उसका वितरण किन-किन किसानों या अन्य लोगों को किया गया। उन्होंने बताया कि यूरिया का निर्धारित उपयोग के बजाय अन्यत्र डायवर्जन तो नहीं हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही फर्म के मूल रिकॉर्ड, गोदाम की स्थिति और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डीएपी और यूरिया के स्टॉक की जांच कर उसका विवरण ऑनलाइन एप पर अपलोड किया जाएगा।
मंडीवार लगाई निरीक्षकों की ड्यूटी
सहायक निदेशक डॉ. संदीप कुमार के अनुसार, जिला स्तर से सभी निरीक्षकों की मंडीवार ड्यूटी निर्धारित की गई है। जिले के सभी आठ ब्लॉक स्तर पर गठित टीमों की ओर से अभियान के तहत निरीक्षण किया जा रहा है। सात दिनों में सभी उर्वरक एवं कृषि आदान विक्रेता फर्मांे की जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हनुमानगढ़ ब्लॉक में निरीक्षण करने वाली टीम में सहायक निदेशक डॉ. संदीप कुमार, सहायक निदेशक कृषि विस्तार डॉ. राधेश्याम और कृषि अधिकारी पौध संरक्षण प्रियंका शामिल रहे।
