हनुमानगढ़। राजकीय नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस मनाया गया। इस मौके पर महाविद्यालय में चल रहे एनएसएस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का समापन समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामपाल अहरोदिया ने की। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को एनएसएस के इतिहास, सामाजिक सरोकारों, सरकारी योजनाओं और विभिन्न कानूनों से संबंधित जानकारी दी गई। अनमोल ने एनएसएस दिवस के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1969 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर इसकी शुरुआत की गई थी। उन्होंने स्वयंसेवकों की समाज निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ. अर्चना गोदारा ने पीएमआईएस (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कॉलेज के रिकॉर्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने में सहायता मिलती है। उन्होंने लक्ष्मीबाई सेंटर की गतिविधियों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। पंकज मिश्रा ने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने वाले पीसीपीएनडीटी एक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भधारण से पहले या बाद में लिंग की जांच करना कानूनन अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कार्यांे तथा महाविद्यालय में संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। एनएसएस दिवस के मौके पर महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान औषधीय एवं छायादार पौधे लगाए गए। आयोजन को सफल बनाने में एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर किरण ढिल, ममता, डॉ. राजकुमार और विजय की मुख्य भूमिका रही। व्यवस्थाओं के संचालन में भगवंती ने भी सहयोग किया।
