हनुमानगढ़। गांव धोलीपाल स्थित गौ चिकित्सालय की भूमि को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक व्यक्ति विशेष की ओर से गौशाला की जमीन पर आपत्ति दर्ज कराने के बाद गुरुवार को सिंचाई विभाग की टीम जब सर्वे और पैमाइश के लिए मौके पर पहुंची तो गौ भक्तों और ग्रामीणों ने इसका जोरदार विरोध किया। मौके पर आयोजित सभा में प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया। जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति ने गौ चिकित्सालय की भूमि को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी के आधार पर प्रशासनिक टीम सर्वे के लिए पहुंची। जैसे ही इसकी सूचना गौ भक्तों को मिली, वे बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और विरोध दर्ज कराया। गौ भक्तों का कहना है कि यह चिकित्सालय बेसहारा और बीमार गौवंश की सेवा का प्रमुख केन्द्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्वार्थांे के चलते गौशाला की भूमि पर आपत्ति उठाई जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक दखल के विरोध में क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। इसी को देखते हुए एक मार्च को गौ चिकित्सालय गौ धाम धौलीपाल में गौ महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। आयोजकों का दावा है कि महापंचायत में हजारों गौ भक्त हिस्सा लेंगे। सभा में वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई बंद नहीं की तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। उनका कहना था कि ‘गौ माता की सेवा में बाधा डालने वाली किसी भी शक्ति को सफल नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में बिंदु पूनिया, कुलविंद्र ढिल्लों, अंकुश सुथार, राजू बड़जाती, संदीप मूंड, मुकेश छिंपा, दीपू घोरन, बंसी पूनिया, सौरभ छिंपा, हेमंत वीर, संजय शर्मा, पवन गोदारा, सुखविंद्र मान और सतिंद्र मान सहित कई गौ भक्त मौजूद रहे।
