– कंट्रोल रूम स्थापित, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, बंधों की मजबूती शुरू, अतिरिक्त पानी डायवर्ट करने व बचाव संसाधन भी तैयार
हनुमानगढ़। मानसून की शुरुआत के साथ ही जिले से गुजरने वाली मानसूनी नदी घग्घर में कभी भी पानी की आवक होने की संभावना को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने मानसून एवं संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, नियंत्रण कक्षों की स्थापना, बंधों की मजबूती, मशीनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी हैं। मुख्य अभियंता के निर्देशानुसार जल संसाधन वृत्त हनुमानगढ़ के अधीक्षण अभियंता को मानसून अवधि का नोडल अधिकारी तथा घग्घर बाढ़ नियंत्रण के अधिशाषी अभियंता को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही विभागीय बैठक आयोजित कर सभी अधिकारियों को मानसून के दौरान सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक आयोजित कर सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपदा की स्थिति में सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाली नहरों, कैनाल, गेट तथा अन्य संरचनाओं का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रमाण-पत्र (सेफ्टी सर्टिफिकेट) जारी कर दिए हैं। जहां आवश्यक है, वहां मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए जल संसाधन विभाग ने हनुमानगढ़ में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जिसका दूरभाष नंबर 01552-260079 है। इसके अलावा मुख्य अभियंता कार्यालय में भी कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 01552-260607 है। राज्य स्तर पर भी सेंट्रल फ्लड सेल सक्रिय कर दिया गया है, जिसके दूरभाष नंबर 0141-2700452 एवं 0141-2702480 हैं। घग्घर नदी में जलस्तर की नियमित जानकारी के लिए गुल्ला चिका, खनौरी साइफन, ओटू हेड, आरडी-629, आरडी-24 सहित प्रमुख गेज स्टेशनों से लगातार सूचना प्राप्त की जाएगी। वर्ष 2023 की तरह आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बाढ़ के पानी को इंटेक स्ट्रक्चर के माध्यम से डायवर्ट करने की व्यवस्था भी पूरी तरह तैयार रखी गई है। बाढ़ के पानी के साथ बहकर आने वाली केळी (जलकुंभी एवं अन्य बहाव सामग्री) को हटाने के लिए विभाग ने दो लॉन्ग बूम मशीनों की व्यवस्था कर ली है। यदि जल प्रवाह अधिक रहता है तो अतिरिक्त तीन लॉन्ग बूम मशीनें रिजर्व में उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता, बीकानेर को प्रस्ताव भेजा गया है। विभाग ने नाली बेड में स्थित कमजोर बंधों का चिह्नीकरण कर लिया है तथा अवैध बंधों को हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित काश्तकारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए छह वायरलेस स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ भी समन्वय स्थापित किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में उनका सहयोग लिया जा सके। घग्घर बाढ़ एवं नियंत्रण ड्रेनेज खंड, हनुमानगढ़ के अधिशाषी अभियंता नरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा संवेदनशील स्थानों पर बंधों को मजबूत करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग मानसून अवधि के दौरान हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
