हनुमानगढ़। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग और असहाय बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल की दिशा में कार्यरत युवा परिवार वेलफेयर फाउंडेशन ने त्योहारी सीजन में बड़ी पहल की है। फाउंडेशन ने क्षेत्र के जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए कपड़े सहित अन्य उपयोगी सामान जुटाकर उन्हें वितरित करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए शहर के सक्षम परिवारों से अपील की गई है कि उनके घर में मौजूद ऐसे कपड़े व अन्य सामान, जो अब उनके काम नहीं आ रहा है, उसे संस्था को दान करें, ताकि वह किसी जरूरतमंद के काम आ सके। युवा परिवार वेलफेयर फाउंडेशन के फाउंडर विक्रम सिंह रामगढ़िया ने बताया कि फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग, असहाय बच्चों के लिए भोजन, कपड़े, बैग, स्टेशनरी उपलब्ध करवाने सहित समाजसेवा के अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इस त्योहारी सीजन में फाउंडेशन ने घरों में रखे पुराने कपड़े, बैग, किताबें, गर्म कपड़े और टोपियां जुटाकर जरूरतमंदों को बांटने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने बताया कि संस्था की बैठक में पदाधिकारियों के मन में यह विचार आया कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चों का तन ढकने के साथ-साथ उनके लिए वह उपयोगी सामान भी जुटाया जाए, जो सक्षम लोगों के घरों में पुराना हो चुका है और अब उनके किसी काम नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ऐसे कई परिवार हैं, जिनके बच्चों के पास तन ढकने के लिए पर्याप्त कपड़े तक नहीं हैं। ऐसे बच्चों तक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से रावतसर, टिब्बी, पीलीबंगा, डबलीराठान सहित अन्य स्थानों पर टीम गठित की गई है। विक्रम सिंह रामगढ़िया ने शहरवासियों से अपील की कि घर में रखे पुराने कपड़े, बैग, किताबें, गर्म कपड़े, टोपियां या अन्य उपयोगी सामान यदि उनके काम नहीं आ रहे हैं तो वे फाउंडेशन को दान कर सकते हैं। इसके लिए 8005523773 पर संपर्क किया जा सकता है।
चार साल से जारी है सेवा कार्य
विक्रम सिंह रामगढ़िया ने बताया कि संस्था का संचालन पिछले करीब चार साल से किया जा रहा है। अब तक फाउंडेशन की ओर से करीब 70 जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग किया जा चुका है, जबकि 60 असहाय बच्चों को गोद लिया गया है। पीलीबंगा के नजदीक आश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है, जहां गोद लिए गए असहाय बच्चों को रखा जा रहा है। इसके अलावा ईंट भ_ों पर भी संस्था की ओर से कक्षाएं लगाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया गया है।
