-जेल में प्रतिबंधित सामग्री का भंडाफोड़, तलाशी में 7 मोबाइल व 290 गोलियां बरामद
हनुमानगढ़। जिला जेल में बंदियों के पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री होने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब एक घंटे तक चले इस सघन अभियान के दौरान जेल परिसर से 7 मोबाइल फोन और 290 गोलियां बरामद की गईं। जानकारी के अनुसार इस विशेष अभियान का नेतृत्व एएसपी अरविंद बिश्नोई ने किया। उनके साथ डीएसपी मीनाक्षी, जंक्शन थाना प्रभारी रामचंद्र कस्वां सहित पुलिस और जेल प्रशासन के कई अधिकारी व जवान मौजूद रहे। टीम के जेल पहुंचते ही बैरकों, बंदियों के सामान और परिसर के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। तलाशी के दौरान एक बंदी ललित ने पुलिस टीम को देखकर मोबाइल फोन छिपाने की कोशिश की और बाद में उन्हें जलती हुई भट्ठी में फेंक दिया। भट्ठी में डालने से कुछ मोबाइल फोन जलकर नष्ट हो गए, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए तलाशी अभियान जारी रखा। अभियान के दौरान पुलिस को 290 गोलियां भी बरामद हुईं। अधिकारियों के अनुसार इन गोलियों के प्रकार और जेल के अंदर पहुंचने के तरीके को लेकर जांच की जा रही है। गोलियों के स्रोत और संभावित उपयोग को लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बंदियों के पास मोबाइल फोन हैं और वे जेल के अंदर से ही बाहरी लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन के जरिए बंदी जेल के अंदर रहते हुए भी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए यह सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीर मामला है। गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला जेल में तलाशी के दौरान मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने के मामले सामने आ चुके हैं। कई बार यह शिकायत भी मिली है कि जेल की ऊंची दीवारों के ऊपर से मोबाइल फोन, चार्जर, सिम कार्ड और अन्य प्रतिबंधित सामग्री के पैकेट अंदर फेंके जाते हैं, जिन्हें बाद में बंदियों तक पहुंचा दिया जाता है। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और जेल प्रशासन के अधिकारियों ने जेल स्टाफ से भी पूछताछ की तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि प्रतिबंधित सामग्री जेल के अंदर कैसे पहुंच रही है और इसमें कहीं किसी की लापरवाही तो नहीं है। एएसपी अरविंद बिश्नोई ने बताया कि अभियान के दौरान 7 मोबाइल फोन और 290 गोलियां बरामद की गई हैं। मामले में जांच जारी है और आवश्यकता होने पर आगे भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जेल में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने या रखने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
