हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत धौलीपाल के कुछ ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर पंचायत समिति में कार्यरत कनिष्ठ सहायक निपेन शर्मा तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ विभिन्न अनियमितताओं के आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। शिकायतकर्ता दीपाराम मूंड, नत्थासिंह, भूराराम, रूपसिंह, सोहनलाल और सरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि कनिष्ठ लिपिक सीधी भर्ती-2013 के तहत नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने दावा किया कि शैक्षणिक अंकों के निर्धारण में निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया गया तथा इस संबंध में विभागीय आदेशों के आधार पर जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने, निर्माण कार्यों के टेंडर आवंटन, ब्लॉक टेस्टिंग रिपोर्ट तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एक विशेष फर्म को नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाया गया, जिसकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। इसके अलावा राशन वितरण व्यवस्था, ग्राम पंचायत के विकास कार्यों तथा स्वामित्व योजना से जुड़े अभिलेखों को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन मामलों में भी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीण चरण सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत धौलीपाल के 11 डीएलपी क्षेत्र में गरीब परिवारों के मकानों के पट्टे बनाने के लिए सर्वे किया गया था। उनका आरोप है कि गांव के ही आशीष शर्मा द्वारा इस सर्वे को निरस्त करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत ने सर्वे नियमानुसार कराया है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। चरण सिंह ने आरोप लगाया कि आशीष शर्मा फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर गरीब परिवारों को उनके मकानों से बेघर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आशीष शर्मा के रिश्तेदार निपेन शर्मा, जो पंचायत समिति में कनिष्ठ सहायक हैं, पहले ग्राम पंचायत के टेंडर प्राप्त करना चाहते थे। टेंडर नहीं मिलने के बाद पंचायत पर दबाव बनाया जा रहा है तथा कार्रवाई और मुकदमे दर्ज करवाने की धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।
