हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत निर्मित डिग्गियों की अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने आंदोलन का ऐलान किया है। मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में किसान नेताओं ने घोषणा की कि 21 अगस्त से जिला कलक्ट्रेट के समक्ष बेमियादी पड़ाव डाला जाएगा। किसानों का कहना है कि जब तक बकाया अनुदान राशि का भुगतान नहीं होता, तब तक पड़ाव जारी रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने बताया कि वर्ष 2024-25 में अटल भूजल योजना के तहत करीब 829 डिग्गियों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई थी। किसानों से फरवरी-मार्च में डिग्गियों का निर्माण करवाया गया और उन्हें करीब 15-20 दिन में प्रति डिग्गी लगभग तीन लाख रुपए की अनुदान राशि मिलने की बात कही गई थी। किसानों ने इसी उम्मीद में फसलें नष्ट कर डिग्गियों का निर्माण करवाने के लिए साहूकारों अथवा अन्य स्रोतों से ब्याज पर पैसा लिया। आरोप है कि करीब दो साल बीतने के बावजूद अभी तक अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि करीब तीन लाख रुपए की राशि पर प्रतिवर्ष लगभग 72 हजार रुपए तक ब्याज का भार पड़ रहा है। किसान लगातार इस आर्थिक बोझ को वहन कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन, प्रभारी मंत्री, प्रभारी सचिव तथा संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत करवाने का दावा किया गया। हाल ही में हनुमानगढ़ आए किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी के समक्ष भी मामला रखा गया था और जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने की बात किसानों ने कही। किसान नेताओं का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक किसी अधिकारी या कर्मचारी ने संबंधित किसानों से संपर्क कर भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
2025-26 की 410 डिग्गियों का भी भुगतान बाकी
किसान नेताओं ने कहा कि 2024-25 की डिग्गियों का भुगतान लंबित होने के बावजूद सरकार ने वर्ष 2025-26 में करीब 410 डिग्गियों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी। उनका दावा है कि इन डिग्गियों की अनुदान राशि भी बकाया है। इस तरह जिले में करीब 1339 किसानों की डिग्गियों की अनुदान राशि लंबित होने की बात कही गई है। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि 21 अगस्त से कलक्ट्रेट के समक्ष बेमियादी पड़ाव शुरू किया जाएगा और वहीं आगामी आंदोलन की रणनीति तय होगी। किसान नेताओं ने आगामी निकाय एवं पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार जैसे विकल्प पर भी विचार करने की बात कही।
40 करोड़ रुपए का कंपोनेंट बकाया
उधर, संयुक्त निदेशक कार्यालय के कृषि अधिकारी कुलवंत सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से जयपुर स्तर पर कई बार पत्राचार के माध्यम से मामले से अवगत करवाया जा चुका है। किसान आयोग के अध्यक्ष को भी समस्या की जानकारी दी गई है और जल्द बकाया अनुदान राशि मिलने की संभावना जताई गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के विभिन्न कंपोनेंट की करीब 40 करोड़ रुपए की राशि बकाया है। इसमें डिग्गियों के साथ फार्म पोंड, कृषि यंत्र सहित अन्य मदों की अनुदान राशि भी शामिल है।
