– राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रदर्शनी में जिले का प्रतिनिधित्व- राजस्थान के 51 विद्यार्थियों में हनुमानगढ़ से सर्वाधिक प्रतिभागी
हनुमानगढ़। जिले के आठ विद्यार्थी सोमवार से दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुई राष्ट्रीय स्तरीय इंस्पायर अवार्ड मानक प्रदर्शनी में अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें वर्ष 2023-24 के छह बालिकाएं और वर्ष 2024-25 के दो बालक शामिल हैं। इस प्रदर्शनी में राजस्थान के कुल 51 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें सर्वाधिक विद्यार्थी हनुमानगढ़ जिले से हैं। यह जिले के लिए गौरव की बात है। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अजय भार्गव ने बताया कि पिछले कई वर्षांे से हनुमानगढ़ जिले में इंस्पायर अवार्ड के नामांकन में लगातार उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। वर्ष 2026-27 में सरकारी और निजी विद्यालयों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी वर्ष में दस से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जिले के विद्यार्थियों के अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की भी संभावना है। विद्यार्थियों का प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो जिले से भविष्य में अच्छे वैज्ञानिक सामने आएंगे। इंस्पायर अवार्ड मानक के कार्यक्रम अधिकारी समसा केवलकृष्ण ने बताया कि हनुमानगढ़ के विद्यार्थी पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में हिस्सा ले चुके हैं। इस वर्ष राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढोलनगर की छात्रा खुशप्रीत कौर जापान यात्रा कर चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि इस बार इंस्पायर अवार्ड मानक के लिए जिले के 5,935 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण के मामले में हनुमानगढ़ जिला बीकानेर संभाग में प्रथम और देश में आठवें स्थान पर है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया के लिए संयुक्त निदेशक, बीकानेर की ओर से समिति गठित की गई थी।

विद्यार्थियों, संस्था प्रधानों और इंस्पायर अवार्ड से जुड़े शिक्षकों के सराहनीय सहयोग से बच्चों में रचनात्मकता एवं मौलिकता का विकास हो रहा है।
10 हजार रुपए से बनाते हैं प्रोटोटाइप मॉडल
केवलकृष्ण ने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को अपना प्रोटोटाइप मॉडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपए की राशि दी जाती है। इसके बाद जिला स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित होती है, जिसमें चयनित विद्यार्थी राज्य स्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी तक पहुंचते हैं।

राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी में करीब एक हजार विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। इनमें से 60 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें राष्ट्रपति भवन में रखा जाता है।

इसके बाद चार विद्यार्थियों का चयन सकुरा कार्यक्रम के तहत जापान के विभिन्न तकनीकी संस्थानों की यात्रा के लिए किया जाता है। हनुमानगढ़ जिले के विद्यार्थी इस प्रक्रिया में पहले भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
