हनुमानगढ़। श्री खुशालदास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ के शिक्षा एवं विशेष शिक्षा संकाय तथा मनोविकास चेरिटेबल सोसायटी दिल्ली के मध्य बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के माध्यम से दोनों संस्थान शिक्षा विशेष शिक्षा तथा मनोवैज्ञानिक सेवाओं के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करेंगे। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण इंटर्नशिप, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, शोध गतिविधियों, पत्रिका प्रकाशन तथा विभिन्न सामाजिक-शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इससे छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव प्राप्त होगा तथा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध होंगे। यह सहयोग विशेष रूप से दिव्यांगजनों के शिक्षण-प्रशिक्षण पुनर्वास और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यांे को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों संस्थान मिलकर विशेष शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे। एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान श्री खुशालदास विश्वविद्यालय की ओर से डायरेक्टर जनरल गिरिश चावला, वाइस चांसलर डॉ. आरए मीना, रजिस्ट्रार डॉ. श्यामवीर सिंह, डॉ. विक्रम औलख, डॉ. सत्यनारायण नाई तथा आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अवधेश शर्मा मौजूद रहे। वहीं मनोविकास चेरिटेबल सोसायटी दिल्ली की ओर से डॉ. आलोक भुवन, डॉ. इंद्रा आलोक, डॉ. रूबी कुमारी तथा डॉ. मनोज निराला कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस मौके पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों के बीच इस प्रकार के सहयोग से ज्ञान अनुभव और संसाधनों का आदान-प्रदान होता है जिससे डॉ. और समाज दोनों को लाभ मिलता है। वहीं विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल, रिटायर्ड आईजी गिरिश चावला ने कहा कि यह समझौता विशेष शिक्षा और मनोविज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे दिव्यांगजनों के लिए बेहतर शिक्षण-प्रशिक्षण शोध और सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा निति 2020 के अनुसार समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलेगी। दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में संयुक्त रूप से अधिक से अधिक शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करने तथा समाज के हित में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
