हनुमानगढ़। टाउन स्थित नई धानमंडी में शेड पर पुरानी चादरें लगाए जाने के आरोप को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया। नाराज व्यापारियों और धानका तोला मजदूरों ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धानका तोला मजदूर यूनियन के प्रधान रॉकी पचेरवाल ने बताया कि मंडी शेड पर पहले से लगी जर्जर चादरों को हटाकर नई चादरें लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया था।

पुरानी चादरों में बड़े-बड़े छेद होने के कारण बारिश का पानी नीचे रखी कृषि उपज को खराब कर देता था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार नई चादरों की जगह फिर से पुरानी और छेदयुक्त चादरें ही लगा रहा है, जिससे समस्या जस की तस बनी रहेगी। मजदूरों और व्यापारियों ने ठेकेदार से इस बारे में बातचीत की, लेकिन उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और मनमानी करता रहा।

वहीं, फूडग्रेन मर्चंेट्स एसोसिएशन संस्था के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल ने बताया कि शेड पर कुछ चादरें पुरानी लगा दी गई थीं। इस पर ठेकेदार से बात की गई तो उसने गलती स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि पुरानी चादरों की जगह नई चादरें लगा दी जाएंगी।
अधिकारियों ने रुकवाया काम
कृषि उपज मंडी समिति, हनुमानगढ़ टाउन के अतिरिक्त सचिव ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर मार्केटिंग बोर्ड के एईएन को सूचित किया गया। मौके पर निरीक्षण के दौरान लगाई जा रही चादरें पुरानी प्रतीत हुईं और उनमें छेद भी पाए गए।

उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव से कार्य रुकवा दिया गया है और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शेड पर केवल नई चादरें ही लगाई जाएं। ठेकेदार का कहना है कि चादरें नई हैं, लेकिन उनमें बने छेद सही तरीके से एलाइन नहीं हो पाए। फिलहाल उसे नई चादरें लगाने के लिए पाबंद किया गया है।
