हनुमानगढ़। टाउन स्थित नेहरू मैमोरियल विधि महाविद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं महाविद्यालय के विधिक सेवा क्लीनिक के तत्वावधान में मंगलवार को नि:शुल्क विधिक सहायता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, लोक अदालत की कार्यप्रणाली, मध्यस्थता तथा संविधान में नि:शुल्क विधिक सेवाओं से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया रहे। विशिष्ट अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदस्य आयुष हिसारिया तथा विशेष आमंत्रित अतिथि राजकीय विधि महाविद्यालय, श्रीगंगानगर के आचार्य प्रो. राजकुमार उपाध्याय रहे। अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीताराम ने की। मुख्य अतिथि गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत निर्धन, महिलाओं, अवयस्कों, बुजुर्गांे, कारखाना मजदूरों सहित अन्य पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने दुर्घटना मुआवजा और प्राकृतिक मृत्यु पर प्रतिकर राशि जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की ओर से संचालित ये योजनाएं पीड़ित व्यक्तियों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। विशिष्ट अतिथि आयुष हिसारिया ने लोक अदालत की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में सुलह, वार्ता, समझौता एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र और सुलभ न्याय प्रदान किया जाता है। प्रो. राजकुमार उपाध्याय ने संवैधानिक प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 39ए और अनुच्छेद 21 में नि:शुल्क विधिक सेवाओं की व्यवस्था की गई है, जो समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए हितकारी है। प्राचार्य डॉ. सीताराम ने कहा कि महाविद्यालय में स्थापित विधिक सेवा केन्द्र आमजन को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करा रहा है। सेवा केन्द्र की ओर से प्रत्येक माह मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान करवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता ली जाती है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की ओर से जारी नि:शुल्क विधिक सेवा प्रचार के पोस्टर का विमोचन किया। मंच संचालन सहायक आचार्य, जिला शिक्षा यूनिट के सदस्य एवं विधिक सेवा क्लीनिक के संयोजक डॉ. बृजेश अग्रवाल ने किया।
