हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग की पांचवीं बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता तथा नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन और पाठ्यक्रमों की समीक्षा पर चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत चौथी बोर्ड ऑफ स्टडीज बैठक की कार्यवाही की समीक्षा एवं सर्वसम्मति से अनुमोदन के साथ हुई। इसके बाद रीहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अनुशंसित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन प्रोफेशनल कार्यक्रम की पाठ्यक्रम संरचना की समीक्षा कर उसे स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही बैचलर इन क्लिनिकल साइकोलॉजी कार्यक्रम की संरचना का भी परीक्षण किया गया और इसे निर्धारित मानकों एवं नियामकीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। विषय विशेषज्ञों ने विभाग की ओर से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी नवाचार आधारित शैक्षणिक पहल जारी रखने पर बल दिया। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि एसकेडी विश्वविद्यालय का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें पाठ्यक्रमों के निरंतर अद्यतन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नई शिक्षा नीति-2020 तथा नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पाठ्यक्रमों का विकास विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्लिनिकल साइकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि बोर्ड ऑफ स्टडीज का उद्देश्य पाठ्यक्रम को समयानुकूल, गुणवत्तापूर्ण और नियामकीय मानकों के अनुरूप बनाए रखना है। विभाग उत्कृष्ट शिक्षण, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा बैठक में लिए गए निर्णय विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक मजबूत करेंगे। बैठक में अकादमिक विशेषज्ञ के रूप में डॉ. दीप्ति मिश्रा और डॉ. सुनीता पूर्ती, जबकि इंडस्ट्री विशेषज्ञ डॉ. रणजीत कुमार ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। विभाग की ओर से डॉ. आनंद कुमार सिंह, वर्षा अरोड़ा और पौलोमी घोष मौजूद रहीं। विभाग की पूर्व छात्रा दिति तिवारी ने भी बैठक में सहभागिता निभाई। बैठक के सफल आयोजन पर विभाग की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. सत्यनारायण, सभी विषय विशेषज्ञों, इंडस्ट्री विशेषज्ञ, पूर्व छात्रा तथा विभाग के संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक विमर्श निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
