हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में जिले की पहली अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और अपराध की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले के अपराध आंकड़ों का गहन विश्लेषण करते हुए विभिन्न प्रकार के अपराधों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाए रखने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए।

साथ ही संगठित अपराधों की रोकथाम, वांछित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा अपराध नियंत्रण के लिए नियमित और प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मीना ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की संख्या कम करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस व्यवस्था पर जनता का विश्वास और मजबूत हो।

बैठक में विभिन्न थानों की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण के प्रयासों और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और आमजन में सुरक्षा का माहौल बनाए रखें।

अपराध गोष्ठी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद (हनुमानगढ़), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गीता चौधरी (नोहर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कंवर (QIDT) सहित जिले के समस्त वृत्ताधिकारी, सीओ एससी/एसटी सेल, थानाधिकारी और अपराध सहायक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए।

