हनुमानगढ़। सहजीपुरा सेक्टर में मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत रविवार को सीएई यानि कम्युनिटी अवेयरनेस इवेंट का आयोजन किया गया। इसमें कुपोषण की समस्या, उसके दुष्चक्र, मातृत्व से जुड़ी सरकारी योजनाओं तथा संतुलित आहार के महत्व पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में सीडीपीओ सुनीता शर्मा ने कुपोषण चक्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुपोषण केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि गलत खान-पान, जागरूकता की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच न होने का परिणाम है। गर्भावस्था से ही सही पोषण मिलने पर कुपोषण की रोकथाम संभव है। डॉ. अजय मीणा ने भी कुपोषण चक्र और पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने संतुलित आहार, आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की आवश्यकता पर जोर देते हुए महिलाओं को मौसमी व स्थानीय खाद्य पदार्थां को आहार में शामिल करने की सलाह दी। शिक्षा विभाग से राजेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ शिक्षा के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिला ही स्वस्थ परिवार की नींव रख सकती है, इसलिए बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। महिला पर्यवेक्षक कमलजीत कौर ने मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना और प्रधानमंत्री मातृत्व योजना की जानकारी देते हुए कुपोषण की रोकथाम के उपाय बताए। वहीं नेहा शर्मा ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री मातृत्व योजना के बारे में जानकारी दी और पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर व्यंजन प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसके माध्यम से महिलाओं को यह दिखाया गया कि पौष्टिक भोजन कैसे तैयार किया जाए, क्या-क्या सामग्री उपयोग में लाई जाए और भोजन करने का सही तरीका क्या हो। संतुलित आहार पर आधारित पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रही।
