हनुमानगढ़। बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का प्रेरणादायी उदाहरण गुरुवार को सामने आया। गांव रामसरा नारायण निवासी एवं राजस्थान रोडवेज हनुमानगढ़ आगार के चालक देवीलाल जाखड़ ने अपने परिवार में करीब 40 साल बाद पौत्री के जन्म की खुशी में गौशाला को 11 हजार रुपए का चेक भेंट कर समाज को बेटियों के सम्मान का संदेश दिया। देवीलाल जाखड़ ने बताया कि उनके पुत्र अजय कुमार, जो गुजरात में रेलवे में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत हैं, की धर्मपत्नी ने पुत्री को जन्म दिया है। उनके पहले दो पुत्र हैं और अब लंबे अंतराल के बाद बेटी के आगमन से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पौत्री के जन्म की मन्नत मांगी थी और मनोकामना पूरी होने पर गौशाला में दान देने का संकल्प लिया था। भगवान ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की, जिसके लिए वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि बेटियों का पालन-पोषण भी बेटों की तरह समान प्रेम, सम्मान और अवसरों के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटी घर की खुशियों और संस्कारों की पहचान होती है तथा हर परिवार में बेटी का होना सौभाग्य की बात है। गांव रामसरा नारायण गौशाला के कोषाध्यक्ष सुखदेव सिंह ने कहा कि देवीलाल जाखड़ का यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायी है। बेटियां दो परिवारों को जोड़ने और रोशन करने का कार्य करती हैं। पिछले कुछ वर्षांे में बेटियों के प्रति समाज की सोच सकारात्मक रूप से बदली है और ऐसे उदाहरण इस बदलाव को और मजबूत करते हैं। गौशाला के सचिव बद्रीप्रसाद सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी देवीलाल जाखड़ का आभार व्यक्त करते हुए उनके इस सामाजिक संदेश की सराहना की।
