हनुमानगढ़। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पूर्व प्रदेश मंत्री विजयपाल बेनीवाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और बजट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के इतने वर्षांे बाद भी प्रदेश में जंगलराज जैसे हालात बने हुए हैं। नाबालिग बच्चियां, मासूम बच्चे, आम नागरिक और व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे हालात में इस सरकार से किसी भी प्रकार की उम्मीद करना बेमानी है। हनुमानगढ़ दौरे पर आए बेनीवाल ने कहा कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में डीजल पर अधिक टैक्स लगाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर जनता के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक सत्ता की सीट तक एक मजबूत और आम आदमी की पहुंच नहीं होगी, तब तक सरकारें जनता को पीसती रहेंगी।

बजट घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए बेनीवाल ने कहा कि झालावाड़ प्रकरण के बाद प्रदेशभर में क्षतिग्रस्त सरकारी स्कूल भवनों को तो तोड़ दिया गया, लेकिन उनके पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। परिणामस्वरूप कई स्थानों पर बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे सरकार की पूरी तरह विफलता करार दिया और कहा कि इस बजट में प्रदेश को कुछ भी ठोस नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई धणी-धोरी नहीं रहा और आम जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है। बेनीवाल ने छात्र राजनीति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छात्र राजनीति से निकलने वाला व्यक्ति आम जनता की पीड़ा को समझता है और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने का माद्दा रखता है। इसी कारण बड़े राजनीतिक घरानों में डर बना रहता है कि कहीं आम पृष्ठभूमि से आए युवा नेतृत्व न उभर जाएं।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर जताई चिंता
उन्होंने प्रदेश में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो गरीब परिवार पूरी तरह तबाह हो जाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल गरीब तबके तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमीर घरानों के बच्चे भी इससे अछूते नहीं रहेंगे। उन्होंने आशंका जताई कि यदि हालात नहीं सुधरे तो प्रदेश को उड़ता राजस्थान कहलाने में देर नहीं लगेगी।

इससे पूर्व हनुमानगढ़ पहुंचने पर जंक्शन स्थित अग्रसेन चौक पर इन्द्रसिंह गोदारा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विजयपाल बेनीवाल का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस मौके पर दीपू मक्कासर, नक्षत्र सिंह, कतर सिंह, अनिल बेनीवाल, विनोद सोनी, राजकुमार, पवन, मुन्ना, मेघराज शर्मा, सूरज, सुखविन्द्र सिंह, ओम चारण और रामू सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
