– महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल नंबर चार में प्राचार्य ने लिया बच्चों से फीडबैक- कमियां मिलने पर कुक कम हेल्पर को दिए सुधार के निर्देश
हनुमानगढ़। सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले पोषाहार और दूध की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन जंक्शन स्थित महात्मा गांधी राजकीय (अंग्रेजी माध्यम) विद्यालय नंबर चार में प्रिंसिपल ने खुद बच्चों के बीच बैठकर भोजन का स्वाद चखते हुए उसकी गुणवत्ता जांची। प्रिंसिपल मनीष कुमार ने बच्चों के साथ बैठकर पोषाहार व मिड-डे मील खाया और उनसे भोजन को लेकर फीडबैक भी लिया। निरीक्षण के दौरान पोषाहार की गुणवत्ता में कुछ कमियां सामने आने पर प्रिंसिपल ने संबंधित कुक कम हेल्पर से बातचीत कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन मिलना प्राथमिकता है तथा भविष्य में इस प्रकार की कमी दोबारा नहीं आनी चाहिए। प्रिंसिपल मनीष कुमार ने बताया कि वे समय-समय पर स्वयं बच्चों के बीच बैठकर राज्य सरकार की पोषाहार एवं मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता की जांच करते हैं। उनका मानना है कि बच्चों से सीधे फीडबैक लेने और उनके साथ भोजन करने से भोजन की वास्तविक गुणवत्ता का बेहतर पता चलता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में संचालित बाल गोपाल योजना के तहत विद्यार्थियों को सुबह गर्म दूध भी वितरित किया जा रहा है। प्रिंसिपल ने दूध वितरण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दूध की गुणवत्ता में कमी या दूध जलने जैसी स्थिति सामने आने पर संबंधित कर्मचारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को निर्धारित गुणवत्ता का दूध ही उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कुक कम हेल्पर को भोजन और दूध तैयार करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
234 विद्यार्थी, 10 कमरों में चल रही 12 कक्षाएं
प्रिंसिपल ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में करीब 234 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में है। हालांकि विद्यालय में कमरों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। स्कूल में 12 कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जबकि विद्यार्थियों के बैठने के लिए केवल 10 कमरे उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता को लेकर हर वर्ष शिक्षा विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से जारी सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
