हनुमानगढ़। नोहर थाना क्षेत्र में मंदिर की कृषि भूमि पर कब्जे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। खड़ी ग्वार की फसल को कथित रूप से नष्ट करने का विरोध करने पर मां-बेटे पर लाठी-डंडों, लोहे के पाइप और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप लगा है। नोहर थाना पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सत्यनारायण (62) पुत्र गोपालदास स्वामी निवासी वार्ड नंबर 1, चक सरदारपुरा, नोहर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि गांव के ठाकुर जी मंदिर की करीब 154 बीघा भूमि में से 27 बीघा पर वह लंबे समय से खेती कर रहे हैं, जबकि शेष भूमि पर उनके भाई खेती करते हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 28 जून को दोपहर करीब 12 बजे उनके बड़े भाई भगवानाराम, राजेंद्र, भांजे राजेंद्र पुत्र सुल्तान निवासी श्रीगंगानगर, राजपाल पुत्र सुल्तान निवासी झुमियांवाली, पंजाब, शंकरदास पुत्र गोमनदास निवासी फेफाना तथा 10-15 अन्य व्यक्ति, जिन्हें गोगामेड़ी क्षेत्र का बताया गया है, एक राय होकर अवैध कब्जे की नीयत से खेत में पहुंचे और ट्रैक्टर से खड़ी ग्वार की फसल पलटने लगे। परिवादी के अनुसार, इसका विरोध करने के लिए उनका पुत्र संजय कुमार (25) और पत्नी रुकमा देवी खेत में पहुंचे। आरोप है कि विरोध करते ही सभी आरोपियों ने लाठी-डंडों, लोहे के पाइप, रॉड और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट लगी, जबकि रुकमा देवी के साथ मारपीट कर उन्हें ट्रैक्टर के पीछे बांधकर घसीटने का भी आरोप लगाया गया, जिससे उनके कमर, पेट और पैरों में गंभीर चोटें आईं। रिपोर्ट में बताया गया कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो कुछ आरोपी फरार हो गए, जबकि कुछ को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। घायल संजय कुमार को पहले उप जिला चिकित्सालय, नोहर ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत होने के कारण उसे हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया। नोहर थाना पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक मोहर सिंह को सौंपी गई है।
