हनुमानगढ़। राजस्थान ग्रामीण एवं खेत मजदूर यूनियन, हनुमानगढ़ के बैनर तले शुक्रवार को मनरेगा से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को बहाल रखने, 2 मार्च से नहीं लग रही मजदूरों की हाजिरी को ऑफलाइन आधार पर मानते हुए वेतन भुगतान करने तथा मजदूरों और मेटों के बकाया भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग उठाई। साथ ही मजदूरों को पूरी 280 रुपये मजदूरी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इस दौरान जिला परिषद के एसीओ सुनील अरोड़ा से यूनियन पदाधिकारियों की वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि 2 मार्च से हाजिरी को लेकर तकनीकी समस्या आ रही है, जिसे सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में करीब 32 हजार मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें से अभी तक लगभग 12 हजार मजदूरों की ही हाजिरी लग पाई है। पिछले 11 दिनों से यह समस्या बनी हुई है और इस संबंध में राज्य सरकार को भी अवगत कराया गया है।

एसीओ ने आश्वासन दिया कि जिन स्थानों पर हाजिरी लगाने में दिक्कत आ रही है, वहां पंचायत समितियों से कर्मचारियों को भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही आगामी पखवाड़े में सभी मजदूरों को काम उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी ने कहा कि पिछले 11 दिनों में पूरे राजस्थान में लाखों मजदूर काम पर जाकर भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी अधिकारी को एक दिन भी वेतन न मिले तो वह तुरंत हड़ताल पर उतर आता है, लेकिन गरीब मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। जिला सचिव प्रहलाद बहलोलनगर ने बताया कि करीब 10 दिन पहले भी जिला परिषद में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया था, तब अधिकारियों ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही हाजिरी और भुगतान की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन 19 मार्च को दोबारा जिला परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन करेगी। इस दौरान नगर रघुवीर वर्मा, एडवोकेट मनीराम मेघवाल, कृपाराम सिमार, सुभाष चावला, बनवारी लाल, अमरजीत सिंह, रामचंद्र सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
