हनुमानगढ़। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित मोंगा होटल एंड रेस्टोरेंट में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) तथा कायाकल्प कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर के चिकित्सा अधिकारियों, बीसीएमओ, बीपीएम, स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों तथा अल्ट्रासाउंड केंद्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए केवल शहरी क्षेत्रों ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की पूरी जानकारी होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी को अपने कार्य के साथ-साथ अपने संस्थान और आसपास चल रही गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, ताकि चिकित्सा संस्थान की सभी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं में टीमवर्क का विशेष महत्व है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ चिकित्सा स्टाफ को भी एक-दूसरे का सहयोग करते हुए कार्य करना चाहिए। यदि हम अपने अधीनस्थ स्टाफ को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करेंगे तो वे भी पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं देंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर परिणाम मिलेंगे।

डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सा विभाग विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश के कई जिलों की तुलना में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों से अपने कार्यस्थल पर शत-प्रतिशत जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में आने वाले मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं, समय पर उपचार तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर आवश्यक जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि संस्थानों में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को समस्त एएनसी (एंटीनेटल केयर) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर उचित उपचार किया जा सके। सीएमएचओ ने एचपीवी टीकाकरण अभियान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि किशोरी बालिकाओं को इस टीके के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। अधिक से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण कर उन्हें भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इस अवसर पर एसीएमएचओ एवं आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत समय पर जांच, पोषण संबंधी परामर्श और टीकाकरण गर्भवती महिला और शिशु दोनों के स्वस्थ विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सा विभाग को प्रशासन और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्लाइमेट डिजास्टर की स्थिति में चिकित्सा संस्थानों की तैयारियां और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में डीपीओ सुदेश कुमार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान एवं कायाकल्प कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कार्यक्रम के अंतर्गत हाल ही में जोड़े गए नए प्रावधानों की जानकारी देते हुए चिकित्सा अधिकारियों को उनके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के मेडिकल ऑफिसर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिले के समस्त बीसीएमओ, बीपीएम, चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा सीएमएचओ कार्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।
