– पंचायतीराज चुनाव में समाज के प्रत्याशी को पूरा समर्थन देने का निर्णय, चंदबरदाई चौक व छात्रावास के लिए भी उठी मांग
हनुमानगढ़। सर्वभाट राव ऑल इंडिया फाउंडेशन जिला इकाई की ओर से महाकवि राव चंदबरदाई की 878वीं जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक गणेश राज बंसल और नगर परिषद सभापति प्रतिनिधि सुमित रणवां ने अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह में महाकवि राव चंदबरदाई के जीवन, साहित्यिक योगदान और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया गया। समारोह के दौरान आगामी पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में भाट समाज की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई। समाज के लोगों ने एकजुटता से निर्णय लिया कि समाज का जो भी व्यक्ति चुनाव मैदान में उतरेगा, उसे कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दिया जाएगा। साथ ही समाज को शिक्षित और संगठित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गणेश राज बंसल ने कहा कि फाउंडेशन की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह आयोजन समाज की एकता और संगठन शक्ति का परिचय देता है। समाज इसी तरह संगठित रहेगा तो उसे हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व और मजबूती मिलेगी। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहकर शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। सर्वभाट राव ऑल इंडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामप्रताप ने बताया कि नगर परिषद सभापति के पद पर रहते हुए सुमित रणवां के माध्यम से चंदबरदाई चौक के लिए स्थान चिन्हित करवाया गया था। जिला कारागृह के सामने चिह्नित स्थान पर सर्किल बनाकर महाकवि राव चंदबरदाई की प्रतिमा स्थापित करवाने की मांग सभापति प्रतिनिधि सुमित रणवां से की गई। सुमित रणवां ने बैठक कर प्रस्ताव पारित करवाने तथा चौक का निर्माण कार्य शुरू करवाने पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि करीब दो वर्ष पहले विधायक गणेश राज बंसल से समाज की ओर से छात्रावास और धर्मशाला के लिए स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी। विधायक की ओर से इसके लिए स्थान चिह्नित कर दिया गया है। अब राजस्थान सरकार से उक्त भूमि का आवंटन करवाने के लिए विधायक से आग्रह किया गया है। समारोह में समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और समाज के नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सामाजिक एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
