हनुमानगढ़। जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी 14 अक्टूबर को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेगी। इस संबंध में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने पुलिस प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने और बिना ठोस आधार के मुकदमे दर्ज करने के आरोप लगाए। रामेश्वर वर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में लोगों के जनतांत्रिक अधिकारों तथा अपने हक की आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ में विरोधियों को आतंकित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आमजन में भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया और परंपराओं का पालन नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। वर्मा ने टाउन पुलिस थाने में गत दिनों हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने सवालों को लेकर विरोध जताया था, जिसमें माकपा कार्यकर्ता भी शामिल थे। इस दौरान पूछताछ के लिए बुलाए गए नगर परिषद के एक अधिकारी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वर्मा ने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम को लेकर दर्ज मुकदमे में नामजद पूर्व सभापति को 24 घंटे के भीतर भगोड़ा घोषित कर दिया गया, जो कानूनी परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि मुकदमे में माकपा नेता एडवोकेट रघुवीर वर्मा का नाम भी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माकपा किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में नहीं, बल्कि पीड़ितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती है। पार्टी का उद्देश्य पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करना है। रामेश्वर वर्मा ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है। यदि पुलिस पर ही पक्षपात के आरोप लगेंगे तो लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने आशंका जताई कि मौजूदा हालात बने रहने पर आगामी पंचायत चुनावों की निष्पक्षता भी प्रभावित हो सकती है। माकपा ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से स्थिति संभालने, निष्पक्ष कार्रवाई करने तथा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों पर किसी भी तरह का अवैध दबाव नहीं बनने देने की मांग की। पार्टी ने इन्हीं मुद्दों को लेकर 14 अक्टूबर को एसपी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने की घोषणा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आत्मा सिंह और बसंत सिंह भी मौजूद रहे।
