हनुमानगढ़। लोक परिवहन बस यूनियन हनुमानगढ़ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर टाउन बस स्टैंड परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान यूनियन सदस्यों ने बसों का चक्का जाम कर परिवहन विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन में बस ऑपरेटर, चालक और परिचालक शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के कोषाध्यक्ष सार्दुल सिंह बुडानिया ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग की ओर से लोक परिवहन बसों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक परिवहन बसों पर नए-नए नियम और प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं, जबकि राजस्थान रोडवेज की पुरानी व जर्जर बसें खुलेआम सड़कों पर दौड़ रही हैं। यह दोहरा मापदंड किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि हड़ताल के माध्यम से सरकार का ध्यान अपनी जायज मांगों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। प्रमुख मांगों में गंगानगर के सरकारी बस स्टैंड से लोक परिवहन बसों को संचालन की अनुमति देना, रोडवेज के समान 10 वर्ष की मॉडल कंडीशन लागू करना, लोक परिवहन बसों पर रोडवेज के बराबर टैक्स निर्धारित करना तथा रोडवेज बसों की फिटनेस, बीमा और मॉडल कंडीशन की समान रूप से जांच सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त यूनियन ने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ से भादरा मार्ग पर रोडवेज बसें बिना वैध परमिट के संचालित की जा रही हैं, जबकि रावतसर से भादरा मार्ग के लिए कोई परमिट जारी नहीं है। यह नियमों का खुला उल्लंघन है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा। यूनियन अध्यक्ष मनोज कड़वा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा बेमियादी हड़ताल शुरू की जाएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष राजीव वधवा, रिंकू वधवा, पवन कोचर, नरेश कोचर, हनुमानदास वधवा सहित ग्रामीण परिवहन यूनियन के पदाधिकारी, बस ऑपरेटर, चालक और परिचालक मौजूद रहे।
