चारणवासी/नोहर। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित हनुमानगढ़ दौरे से पहले प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने के ऐलान के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए चक 16 जेएसएन जसाना निवासी कामरेड मंगेज चौधरी को नोटिस जारी कर पाबंद कर दिया है। वहीं सूत्रों के अनुसार स्थिति को देखते हुए शनिवार सुबह उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। नोहर उपखंड मजिस्ट्रेट राहुल श्रीवास्तव ने यह नोटिस फेफाना थाना पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया है। पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि मंगेज चौधरी ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। प्रशासन ने इस घोषणा को कानून-व्यवस्था और लोक-शांति के लिए संभावित खतरा मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 135(3) के तहत कार्रवाई शुरू की है। जारी आदेश के अनुसार मंगेज चौधरी को आगामी 2 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे व्यक्तिगत रूप से अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नोटिस में यह भी पूछा गया है कि क्यों न उन्हें अगले छह महीनों तक शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंध-पत्र तथा इतनी ही राशि की प्रतिभूति जमा कराने के लिए पाबंद किया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीआईपी दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध प्रदर्शन को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी ने कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर नोटिस जारी होने के बाद मंगेज चौधरी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री के आगमन पर प्रशासन को उनसे शांति भंग होने का डर सता रहा है, लेकिन वे ऐसे कागजी नोटिसों या “गीदड़ भभकी” से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि नोहर के गौतम शर्मा और नेठराना के मासूम अभिषेक के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे एक बार नहीं बल्कि हजार बार शांति भंग करने को तैयार हैं। मंगेज चौधरी ने यह भी दावा किया कि वे जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए पहले भी कई मुकदमों का सामना कर चुके हैं। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में हनुमानगढ़ पहुंचने का आह्वान किया है ताकि वे पाबंदी लगाने वाले अधिकारियों से मिल सकें। पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा भी लिखा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। वहीं पुलिस और प्रशासन संभावित विरोध प्रदर्शन को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं।
संवाददाता- जयलाल वर्मा
