जयपुर। राजस्थान की राजनीति में तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ की एक टिप्पणी को लेकर विवाद गहराने के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सेन समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। इस घटनाक्रम ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा की, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी संवेदनशीलता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। मंगलवार को सेन समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचा और विधायक बालकनाथ की टिप्पणी के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल ने इसे समाज की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने समाज के लोगों से मुलाकात की और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। मुलाकात के बाद राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं इस परिवार का मुखिया होने के नाते सेन समाज से सॉरी कहता हूं। मैंने संबंधित नेता से भी इस मुद्दे पर बात की है और उन्हें आवश्यक बात समझा दी गई है। किसी भी समाज के प्रति इस तरह की टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। समाज हमेशा व्यक्ति से बड़ा होता है।” उनके इस बयान को डैमेज कंट्रोल के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, यह विवाद 1 मई की रात का है, जब विधायक बाबा बालकनाथ टपूकड़ा कस्बे में चल रहे इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारी जेईएन छोटेलाल मीणा को फोन पर फटकार लगाई। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से कहा, “तुम नाई हो या जेईएन, बीटेक किया है या कुछ और?” इस टिप्पणी को लेकर सेन समाज में आक्रोश फैल गया, क्योंकि ‘नाई’ शब्द को समाज विशेष से जोड़कर देखा गया। सेन समाज के प्रतिनिधियों ने भाजपा कार्यालय में स्पष्ट कहा कि उनका समाज लंबे समय से भाजपा का कोर वोटर रहा है और इस तरह की टिप्पणी की उन्हें उम्मीद नहीं थी। जयपुर सेन समाज के अध्यक्ष सुखदेव सेन ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन दिया है कि विधायक बालकनाथ अपने शब्दों पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है तो समाज उनके खिलाफ बहिष्कार का निर्णय ले सकता है। विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे बाबा बालकनाथ ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर सफाई और खेद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उनका उद्देश्य किसी भी जाति या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा, “यदि मेरे शब्दों से सेन समाज की भावना आहत हुई है तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूं। आशा है समाज मेरे मनोभाव को समझेगा और पहले की तरह अपना सहयोग बनाए रखेगा।” इसी बीच, भाजपा के लिए एक और विवाद सामने आया है। श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहानी पर अधिकारियों के साथ मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। इस मामले पर भी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित पक्षों को बुलाकर सुनवाई की गई है और जल्द समाधान निकाला जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे विवाद भाजपा के लिए चुनौती बन सकते हैं, खासकर तब जब सामाजिक समीकरणों का चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान होता है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व स्थिति को संभालने और नाराजगी को कम करने की कोशिश में जुटा हुआ है।

