-पुराने सिस्टम से ही खरीद जारी रखने की मांग, बारदाना-भंडारण की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा
हनुमानगढ़। फूडग्रेन मर्चंट्स एसोसिएशन संस्था की मंगलवार को टाउन धानमंडी स्थित कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रामलाल किरोड़ीवाल ने की। बैठक में व्यापारियों ने राज्य सरकार की ओर से रबी सीजन 2026-27 के लिए लागू किए गए स्लॉट सिस्टम के माध्यम से गेहूं खरीद की व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और पूर्व की पारंपरिक प्रणाली को जारी रखने की मांग की। अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल ने बताया कि गेहूं का सीजन मुख्यत: 15 दिनों का होता है, जबकि नरमा-कपास की फसल छह महीने तक बिक्री के लिए उपलब्ध रहती है। इसलिए स्लॉट सिस्टम गेहूं के लिए व्यावहारिक नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर कम्बाइन की उपलब्धता स्लॉट सिस्टम की तारीख से मेल नहीं खाती, तो किसान एमएसपी का लाभ खो देंगे। व्यापारियों ने मांग की कि मंडी में सभी गेहूं खरीद एजेंसियों के माध्यम से लचीली व्यवस्था अपनाई जाए, भंडारण के लिए अलग-अलग केन्द्र बनाए जाएं, ताकि किसान अधिक मात्रा में गेहूं मंडी में ला सके और सरकार की योजनाओं का लाभ ले सके। सचिव दलीप सिंह ढिल्लों ने बताया कि हनुमानगढ़ टाउन मंडी को पांच ब्लॉक में विभाजित किया गया है और पिछले वर्ष लगभग 15 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया था।

हालांकि, इस बार एफसीआई और अन्य एजेंसियों के जरिए पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन तैनात नहीं किए गए हैं। मंडी में बारदाने की मात्र 12-15 प्रतिशत उपलब्धता के कारण किसान, व्यापारी और मजदूर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि मंडी में गेहूं आगमन से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएं, जिसमें एचटीए टेंडर के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति, पर्याप्त बारदाना और मंडियों में वितरण शामिल है, ताकि रबी सीजन 2026-27 में गेहूं खरीद सफलता पूर्वक संपन्न हो सके। बैठक में संस्था उपाध्यक्ष ईशान चौधरी, सहसचिव आशीष गोदारा, कोषाध्यक्ष प्रवीण तलवाड़िया सहित कई व्यापारी मौजूद थे।
