हनुमानगढ़। टाउन स्थित राजकीय नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार प्राचार्य डॉ. रामपाल अहरोदिया की अध्यक्षता में प्लेसमेंट, कौशल विकास तथा नवाचार एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ के तत्वावधान में ‘वर्तमान समय में रोजगार के अवसर और बदलते करियरÓ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को रोजगार के बदलते स्वरूप, नए करियर विकल्पों और कौशल विकास के महत्व की जानकारी दी गई। प्राचार्य प्रो. रामपाल अहरोदिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को इस पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय अपने अध्ययन और प्रयासों से कौशल का विकास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय में समय-समय पर आयोजित होने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सीखने और अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एसकेडी विश्वविद्यालय की विधि सहायक आचार्य डॉ. सुचेता जैन ने रोजगार के बदलते स्वरूप और करियर के नए विकल्पों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार के साथ डिजिटल क्षेत्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वरोजगार में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि रोजगार प्राप्त करने के लिए कौशल विकास, प्रभावी संचार और व्यावहारिक दक्षताएं आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप करियर का चयन करते हुए आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम प्रभारी एवं समिति सदस्य डॉ. अर्चना गोदारा ने विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के हित और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. शिशुपाल, भागवंती, जयप्रकाश, डीआर स्वामी, कृति गोयल, ममता, प्रदीप कुमार, भगवाना राम और पूर्णसिंह पंवार सहित अन्य मौजूद रहे।
