-हरियाणा में तीनों पार्टियां प्रदेश का नुकसान कर रहीं: अभय चौटाला
ऐलनाबाद।इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा चुनाव में मतदान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “जनता की आवाज भगवान की आवाज है और जनता ने मुझे कांग्रेस और बीजेपी से दूरी बनाने को कहा है।” इसी के चलते इनेलो के दोनों विधायक मतदान से अनुपस्थित रहेंगे। चौटाला ने कहा कि कांग्रेस से उनकी दूरी पहले से ही है, जबकि बीजेपी ने पिछले 11 वर्षों में जातिवाद और सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद राम चन्द्र जांगड़ा और विधायक रामकुमार गौतम की भाषा इनेलो विरोधी रही है, जबकि कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी उनके बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इनेलो किसी भी कीमत पर बीजेपी को वोट नहीं देगी। इस दौरान इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला भी उनके साथ मौजूद रहे। चौटाला ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले भूपिंदर सिंह हुड्डा 37 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे थे, लेकिन मतदान के दौरान वे परेशान नजर आए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण की जिम्मेदारी हुड्डा की थी, इसलिए यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होगी। इनेलो नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में 100 करोड़ रुपये देकर राज्यसभा सांसद बनाया जाता है और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी द्वारा कांग्रेस विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये में खरीदने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। चौटाला ने कहा कि वर्तमान में विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के विधायक बिकते हैं, उस पार्टी पर भी सवाल उठता है। खरीदने और बिकने वाले दोनों ही पक्ष इसके लिए जिम्मेदार हैं और इसका मुख्य कारण टिकट वितरण के समय सही उम्मीदवार का चयन न होना है। उन्होंने सुझाव दिया कि क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए और क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगना चाहिए। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के समर्थन के सवाल पर चौटाला ने कहा कि नांदल का फोन आया था, लेकिन उनके वोट डालने या न डालने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। चौटाला ने बताया कि पार्टी ने प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर पर्यवेक्षक भेजे थे। उनके फीडबैक के आधार पर ही मतदान से अनुपस्थित रहने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में तीनों बड़ी पार्टियां प्रदेश का नुकसान कर रही हैं। उनके मुताबिक बीजेपी ‘सांपनाथ’, कांग्रेस ‘नागनाथ’ और तीसरी पार्टी ‘बिच्छू नाथ’ है। चौटाला ने दावा किया कि जनता ने एक पार्टी को पहले ही साइडलाइन कर दिया है और 2029 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस को भी आईना दिखाएगी।
