– हथियारों से लैस होकर पहुंचने का दावा, ट्रैक्टर से सब्जियां नष्ट करने और सामान ले जाने का भी आरोप
हनुमानगढ़। नोहर क्षेत्र के जोगीआसन स्थित डेरा बाबा अमरनाथ की कृषि भूमि को लेकर चल रहे विवाद में महंत ने कब्जे के प्रयास और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए नोहर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने 66 वर्षीय परिवादी पंचमनाथ चेला पीर पूर्णनाथ की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवादी पंचमनाथ ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह डेरा बाबा अमरनाथ जोगीआसन का महंत है। उसके गुरु पूर्णनाथ के नाम जोगीआसन नंबर 1 में 53 बीघा 18 बिस्वा कृषि भूमि थी। इसमें से 40 बीघा भूमि की चार रजिस्ट्रियां वर्ष 1990 में हंसराज, बलवंत, भागमल, रूपराम पुत्र लालचंद तथा भूपसिंह, गुरुतेज सिंह व सुखमहेन्द्र पुत्र श्यामसिंह निवासी मुण्डा के पक्ष में की गई थीं, जबकि शेष 13 बीघा 18 बिस्वा भूमि का नामांतरण गुरु के निधन के बाद वर्ष 1995 में पंचमनाथ के नाम हो गया था।

हंसराज आदि ने अपनी खरीदी गई कृषि भूमि पर कब्जा लेने के बाद उसे आवासीय प्लॉट के रूप में काटकर स्वयं तथा मुख्तार के जरिए बेच दिया, जहां अब रामनगर कॉलोनी आबाद है। वहीं, परिवादी ने अपने हिस्से की शेष भूमि पर खेती करवाने की बात कही है। महंत के अनुसार, वर्ष 2000 में राज्य सरकार के आदेश के तहत जोगीआसन की भूमि को नगर पालिका के नाम दर्ज किया गया था। इसके बाद उसने राजस्व बोर्ड तक अपना दावा लेकर मुकदमा लड़ा। बाद में नगर पालिका से समझौता कर भूमि को आवासीय एवं वाणिज्यिक उपयोग में परिवर्तित करवाया गया तथा निर्धारित राशि जमा कर सात पट्टे भी प्राप्त किए गए। परिवादी के अनुसार, वर्तमान में इसी भूमि पर अरड़की बस स्टैंड, वृद्धाश्रम और उसकी ओर से निर्मित दुकानें स्थित हैं। रिपोर्ट में आरोप है कि खसरा नंबर 33 की भूमि नगर पालिका के नाम दर्ज होने के बावजूद कुछ लोगों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में बने रहे और उन्होंने रजिस्टर्ड इकरारनामे व मुख्तारनामे के जरिए भूमि बेच दी। परिवादी ने बताया कि 27 अगस्त की शाम करीब 5.40 बजे वह डेरे की अन्य कृषि भूमि को संभालने के लिए थैलासरी गया हुआ था।

इसी दौरान उसके मुनीम मुन्ना ने फोन कर बताया कि करीब 15-20 लोग भूमि पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पंचमनाथ अरड़की बस स्टैंड स्थित अपने भूखंड पर पहुंचा। आरोप है कि वहां हंसराज पुत्र लालचंद, बलविन्द्र पुत्र हंसराज, ओमप्रकाश पुत्र मेघराज सहित 15-20 अन्य लोग एक पिकअप, एक ट्रैक्टर और तीन गाड़ियों में पहुंचे थे। परिवादी ने आरोप लगाया कि उनके पास लाठी, कुल्हाड़ी और डंडे थे। आरोपियों ने भूखंड में घुसकर वहां खड़ी सब्जियों को ट्रैक्टर से रौंदना शुरू कर दिया। हंसराज, बलविन्द्र और ओमप्रकाश ने पंचमनाथ को घेर लिया, जबकि मुनीम मुन्ना को जान से मारने की नीयत से उसके पीछे ट्रैक्टर दौड़ाया गया। इस दौरान डेरे से जुड़े श्रद्धालुओं को भी भयभीत करने का आरोप लगाया गया है। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि भूखंड पर न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की सूचना वाले दो बोर्ड उखाड़ दिए गए तथा करीब 20 एंगल और कृषि कार्य में उपयोग आने वाले अन्य सामान को पिकअप में डालकर ले जाया गया।
तेजाब डालकर जान से मारने का आरोप
महंत ने रिपोर्ट में आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के दौरान हंसराज, ओमप्रकाश और बलविन्द्र ने उस पर तेजाब डालकर जान से मारने का प्रयास किया। तेजाब का कुछ हिस्सा पुलिसकर्मियों पर भी गिरा। इसी दौरान आसपास के लोगों और स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मचारी के मौके पर पहुंचने के बाद आरोपी ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य वाहनों से वहां से भाग गए। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मचारियों को ट्रैक्टर जला देने की धमकी दी गई।

पहले भी कब्जे के प्रयास का आरोप
रिपोर्ट में बताया गया है कि उक्त भूमि को लेकर पंचमनाथ ने नोहर के सिविल न्यायालय में वाद दायर कर रखा है, जिसमें हंसराज पक्षकार है। परिवादी के अनुसार, हंसराज पक्ष ने निचली अदालत में आवेदन खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय में भी निगरानी याचिका दायर कर रखी है। इससे पहले भी हंसराज, उसके पुत्र और ओमप्रकाश की ओर से कब्जे का प्रयास किए जाने का आरोप है, जिस पर पुलिस ने 8 जून 2026 को उन्हें पाबंद किया था। नोहर थाना पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद कर रहे हैं।
