जयपुर। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों तथा ईंधन की कथित किल्लत को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार के मंत्रियों और नेताओं पर “तमाशा” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल दिखावे से जनता तक सही संदेश नहीं पहुंचता। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद बीजेपी शासित राज्यों में मुख्यमंत्री और मंत्री अलग-अलग तरीके से प्रतीकात्मक गतिविधियां कर रहे हैं। कोई रिक्शा से जा रहा है, कोई पैदल चल रहा है तो कोई इलेक्ट्रिक वाहन में यात्रा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नेता वास्तविक त्याग करते हैं तो जनता उसे स्वीकार करती है, लेकिन केवल दिखावा करने से लोगों पर असर नहीं पड़ता। गहलोत ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को साफ तौर पर अपनी मजबूरी बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग सच को समझेंगे, लेकिन सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही, जिससे जनता में भ्रम और चिंता बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन सरकार इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर रही। गहलोत ने कहा कि लोगों को सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को बार-बार पेट्रोल भरवाने के लिए रुकना पड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति को नकार रही है जबकि जनता परेशानी झेल रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कमी के साथ-साथ कई क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है और गांवों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। गहलोत ने कहा कि यदि केंद्र सरकार स्थिति स्पष्ट करती तो पेट्रोल पंप संचालकों और एलपीजी वितरकों को जनता के आक्रोश का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इस पूरे मामले में केंद्र और राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहराया।
