जयपुर। बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई के बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। यदि इस मामले में उनकी तिल भर भी मिलीभगत साबित हो जाती है तो वे खुद को कानून के हवाले करने के साथ-साथ मंत्री पद छोड़ने के लिए भी तैयार हैं। सोमवार को विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्रमाण हैं तो उन्हें एसीबी को सौंपें, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। मीणा ने आरोप लगाया कि रीट और आरएएस पेपर लीक मामलों में लगाए गए आरोपों के कारण डोटासरा दुर्भावना से प्रेरित होकर उन पर निशाना साध रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र कांग्रेस शासनकाल में पनपा था और उनकी सरकार ऐसे तत्वों की कमर तोड़ने का काम करेगी। उन्होंने एसीबी की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सरकार और उनके द्वारा दिए गए इनपुट के आधार पर हुई है। उन्होंने एसीबी से मामले की गहन जांच करने की अपील करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस शासनकाल में बने कथित नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। मीणा ने स्वीकार किया कि गिरफ्तार नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई की ओर से उन्हें सूचनाएं मिलती थीं, लेकिन केवल सूचना देने से किसी व्यक्ति की गतिविधियों की जिम्मेदारी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि जब संबंधित व्यक्ति के खुद मामले में लिप्त होने की जानकारी मिली तो उसका इनपुट एसीबी को दे दिया गया, जिसके बाद कार्रवाई हुई। गौरतलब है कि रविवार को बीकानेर में एसीबी ने एक प्राइवेट बस में सफर कर रहे युवक स्वतंत्र ज्याणी के पास से 85 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। पूछताछ में सामने आया कि यह रकम बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के श्रीगंगानगर स्थित ठिकाने पर पहुंचाई जानी थी। इसके बाद एसीबी की दूसरी टीम ने बिश्नोई के आवास पर छापा मारकर 1 करोड़ 58 लाख रुपये नकद बरामद किए। दोनों कार्रवाइयों में कुल 2 करोड़ 43 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है। फिलहाल एसीबी स्वतंत्र ज्याणी से पूछताछ कर रही है, जबकि मामले में जुगल किशोर बिश्नोई से भी पूछताछ की जाएगी।
