भरतपुर। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा गुरुवार को भरतपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भैराणा धाम रीको भूमि विवाद पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार सभी संत-महात्माओं के साथ है और बातचीत के माध्यम से विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। बैरवा ने कहा कि दादूदयाल महाराज और भैराणा धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। सरकार भी इस आस्था का सम्मान करती है। उन्होंने बताया कि रीको का कार्य पहले से शुरू हो चुका था और सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्य भी पूरे हो चुके थे। बाद में संत-महात्माओं ने वहां स्थित समाधियों से जुड़े मुद्दों की जानकारी सरकार को दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं भैराणा धाम जाकर संतों से मिले थे और उनकी समस्याएं सुनी थीं। सरकार समाधान के लिए तैयार थी, लेकिन तब तक यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचने देगी और संत-महात्माओं के साथ बैठकर आपसी सहमति से समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं, बल्कि संवाद के जरिए सभी पक्षों को साथ लेकर आगे बढ़ना है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके। उपमुख्यमंत्री बैरवा ने कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में एक भी नई रोडवेज बस नहीं खरीदी गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने करीब 900 नई बसें रोडवेज बेड़े में शामिल की हैं। इसके अलावा 300 नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पैनिक बटन सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बैरवा ने कहा कि प्रदेश के 9 जर्जर बस स्टैंडों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इसके तहत नए और हाईटेक बस स्टैंड बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भरतपुर में भी नए बस स्टैंड के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इस दिशा में कार्य आगे बढ़ेगा। उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
