हनुमानगढ़। जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मदिरा दुकानों के बंदोबस्त की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकांश मदिरा दुकानों का निस्तारण कर लिया गया है और अब केवल कुछ दुकानों के लिए ही ई-ऑक्शन की प्रक्रिया शेष रह गई है। विभाग के अनुसार अब तक जिले में 340 मदिरा दुकानों का बंदोबस्त कर 319.17 करोड़ रुपए का राजस्व सुनिश्चित किया जा चुका है। आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कुल 134 क्लस्टर में 360 मदिरा दुकानें निर्धारित की गई हैं। इन दुकानों के लिए विभाग द्वारा 336.10 करोड़ रुपए की आरक्षित राशि तय की गई थी। बंदोबस्त की प्रक्रिया नवीनीकरण, लिमिटेड टेंडर तथा ई-ऑक्शन के माध्यम से पूरी की जा रही है। अब तक 134 में से 127 क्लस्टर का सफलतापूर्वक निस्तारण कर लिया गया है, जिनमें शामिल 340 दुकानों का बंदोबस्त पूरा हो चुका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन 340 दुकानों के बंदोबस्त से 319.17 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होना सुनिश्चित हुआ है, जो कि आबकारी विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि अभी 7 क्लस्टर में शामिल 20 मदिरा दुकानों का बंदोबस्त शेष है, जिसके लिए 23 मार्च को ई-ऑक्शन आयोजित की जाएगी। शेष क्लस्टरों के लिए आयोजित होने वाली ई-ऑक्शन को लेकर विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में जिला स्तर पर मदिरा दुकानों के अनुज्ञाधारियों के साथ बैठक आयोजित कर बंदोबस्त प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अब तक हुए बंदोबस्त की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई और शेष क्लस्टरों की दुकानों के सफल निस्तारण के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने उन अनुज्ञाधारियों से भी संवाद किया जिनके क्लस्टरों का बंदोबस्त पहले ही हो चुका है। उनसे अनुरोध किया गया कि वे शेष बचे क्लस्टरों की ई-ऑक्शन में भाग लेकर प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग करें। अधिकारियों का मानना है कि यदि अधिकाधिक बोलीदाता भाग लेते हैं तो शेष दुकानों का भी बेहतर दरों पर बंदोबस्त संभव हो सकेगा। जिला आबकारी अधिकारी संजीव पटावरी ने बताया कि विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में सभी मदिरा दुकानों का बंदोबस्त कर राजस्व लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 23 मार्च को होने वाली ई-ऑक्शन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और सुचारू व्यवस्था के साथ संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि शेष 20 दुकानों का भी सफलतापूर्वक बंदोबस्त हो सके। इसके लिए संभावित बोलीदाताओं से संपर्क कर उन्हें ई-ऑक्शन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यदि आगामी बोली प्रक्रिया सफल रहती है तो जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सभी मदिरा दुकानों का बंदोबस्त समय पर पूरा हो जाएगा। आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार मदिरा दुकानों के बंदोबस्त की यह प्रक्रिया जिले के राजस्व संग्रहण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग को उम्मीद है कि शेष क्लस्टरों की दुकानों का भी जल्द निस्तारण हो जाएगा और निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।
