हनुमानगढ़। गांव करणीसर-सहजीपुरा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर शिक्षा समिति उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि में सबसे प्रेरणादायक नाम कक्षा 10 की छात्रा हीना सहारण का है, जिसने 98.50 प्रतिशत अंक हासिल कर राज्य मेरिट सूची में 9वां स्थान प्राप्त किया। हीना सहारण की सफलता इसलिए और भी खास बन जाती है क्योंकि वह अपने मजबूत इरादों और मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुंची है। और अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार संघर्ष करती रही। उसकी यह उपलब्धि न सिर्फ उसके विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। हीना एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती है। उसके पिता रामप्रताप एक मेहनती किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य है। घर में चार बहनें हैं और कोई भाई नहीं है, लेकिन इसके बावजूद परिवार ने बेटियों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।

परिवार के संस्कार, मेहनत और आपसी सहयोग ने हीना को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस सफलता की खुशी पूरे परिवार में साफ झलक रही है। खासकर हीना के दादा की खुशी देखने लायक थी। जब उन्हें अपनी पोती के राज्य मेरिट में आने की खबर मिली, तो वे खुशी से झूम उठे और नृत्य करने लगे। उनका यह नृत्य सिर्फ एक खुशी का इजहार नहीं था, बल्कि उस संघर्ष, विश्वास और सपनों की जीत का प्रतीक था, जिसे परिवार ने वर्षों से संजोकर रखा था। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने भी हीना की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हीना ने यह साबित कर दिया कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी बाधा सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती। अन्य छात्राओं के लिए भी हीना एक प्रेरणा बनकर उभरी है। हीना की यह सफलता केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों की जीत है। उसकी कहानी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसले मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है। ऐसी होनहार बेटी हीना सहारण को क्षेत्रवासियों की ओर से ढेरों शुभकामनाएं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही है। सरस्वती स्कूल करणीसर के व्यवस्थापक महेन्द्र बादड़ा ने बताया कि विद्यालय की 3 छात्राओं को संस्था की तरफ से स्कूटी भेट की जाएगी
