हनुमानगढ़। जिले में अवैध हथकड़ शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी संयुक्त रेड को अंजाम दिया। आबकारी आयुक्त के निर्देश और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के तहत कई स्थानों पर दबिश देकर अवैध शराब बनाने के अड्डों को नष्ट किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आबकारी आयुक्त राजस्थान उदयपुर एवं जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी हनुमानगढ़ के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। इस दौरान गाँव गंगागढ़, गंगाधाट, देबुधाट तथा अमरपुरा ढाणी क्षेत्रों में छापेमारी कर अवैध हथकड़ शराब के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को नष्ट किया गया।

कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 5000 लीटर उतेजित लाहण (हथकड़ शराब बनाने के लिए तैयार वाश) को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा अवैध शराब बनाने के लिए स्थापित 08 कच्ची भट्टियों को भी तोड़कर नष्ट किया गया। टीम को मौके से 18 लीटर तैयार हथकड़ शराब भी बरामद हुई, जिसे जब्त कर लिया गया। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मौके पर मौजूद एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए जिले में लगातार रेड और गश्त की कार्रवाई की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी संजीव पटावरी ने बताया कि जिले में अवैध हथकड़ शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में प्रहराधिकारी कमल सिंह (नोहर), प्रहराधिकारी विनोद कुमार (संगरिया), प्रहराधिकारी अमर सिंह (हनुमानगढ़) तथा जमादार हुसैन खान अपने दल के साथ शामिल रहे और पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आबकारी विभाग के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कुल 581 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि विभाग अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
