हनुमानगढ़। राज्य सरकार की ओर से महिला सुरक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित कालिका पेट्रोलिंग यूनिट अभियान के तहत गुरुवार को शहर के चौधरी मनीराम बीएड कॉलेज में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक हरी शंकर के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों, आपातकालीन सहायता सेवाओं और आत्मरक्षा के प्रभावी तरीकों से अवगत कराना रहा। पुलिस टीम ने छात्राओं को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में सजग रहने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को राजकॉप सिटीजन एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एप राज्य पुलिस द्वारा नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। एप को मोबाइल फोन में डाउनलोड करने के बाद आपातकालीन स्थिति में केवल इमरजेंसी बटन दबाकर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। जैसे ही बटन दबाया जाता है, संबंधित छात्रा की लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है, जिससे नजदीकी पुलिस टीम को तत्काल मौके पर भेजा जा सकता है। पुलिस टीम ने छात्राओं को एप के व्यावहारिक उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई। इसके अतिरिक्त छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सहायता नंबर 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, साइबर अपराध या अन्य आपात स्थिति में इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सहायता ली जा सकती है। छात्राओं को यह भी आश्वस्त किया गया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आत्मरक्षा प्रशिक्षण रहा। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए, जिनमें अचानक होने वाले हमलों से बचने, स्वयं को सुरक्षित रखने और सहायता प्राप्त करने के तरीके शामिल थे। पुलिस टीम ने कहा कि वर्तमान समय में बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को देखते हुए आत्मरक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक हो गया है। छोटी-छोटी सावधानियां, सतर्कता और आत्मविश्वास किसी भी अप्रिय स्थिति में सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकती हैं।

साइबर अपराधों से बचाव को लेकर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेलिंग, फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ कर वायरल करने की धमकी देना, फर्जी अकाउंट बनाकर परेशान करना या किसी भी प्रकार का ऑनलाइन उत्पीड़न गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल सरोज कुमारी, मैना, कृष्णा, सुमनबाला, सुनीता और संतोष उपस्थित रहीं।

उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए उनके सवालों के जवाब दिए और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से सुरक्षा उपायों को समझाया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम.एम. शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
