-दमकल विभाग हुआ फेल, 200 ग्रामीणों ने टैंकरों और जेसीबी की मदद से पाया आग पर काबू
हनुमानगढ़। जिले के कोहला फार्म वन क्षेत्र में बुधवार को अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई, जिससे करीब 50 बीघा क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे वन क्षेत्र में धुएं और लपटों का गुबार छा गया। तेज गर्मी और हवा के कारण आग लगातार फैलती चली गई, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वन क्षेत्र में फैली आग देखकर दमकल विभाग के कर्मचारी भी घबरा गये ओर अधूरी कार्यक्षमता के कारण उन्होंने आग बुझाने में असमर्थता बताई। आक्रोशित ग्रामीणों की दमकल विभाग के कर्मचारियो से बहस भी हुइ। ग्रामीण सुरेंद्र मारवाल का आरोप है कि दमकल कर्मियों ने फार्म के बीच जाकर आग बुझाने का साहस नहीं दिखाया, जिसके कारण स्थिति और गंभीर होती चली गई। इसके बाद स्थानीय ग्रामीण स्वयं आग बुझाने के लिए मैदान में उतर आए। ग्रामीण सुरेंदर मारवाल द्वारा दूरभाष से प्रशासनिक अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर उम्मेदीलाल मीणा व आयुक्त सुरेंदर यादव को घटना की सूचना दी, परंतु प्रशासन ने किसी भी तरह की गंभीरता नही दिखाई, जिससे ग्रामीणों में रोष फेल गया। गांव के करीब 200 से अधिक ग्रामीण एकजुट होकर आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने लगभग 10 पानी के टैंकरों और निजी जेसीबी मशीनों की सहायता से कई 2 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने खेतों से पानी की व्यवस्था कर लगातार आग प्रभावित क्षेत्र में पानी डलवाया तथा जेसीबी की मदद से रास्ते बनाकर आग को आगे फैलने से रोका। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास के चलते बड़ा नुकसान होने से बच गया। आग की भयावहता को देखते हुए वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग किया। मौके पर पहुंचे वन अधिकारी सुरेश आबुसरिया ने बताया कि ग्रामीणों की सूझबूझ के कारण आग पर फिलहाल नियंत्रण पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर विभाग द्वारा कर्मचारियों की रात्रिकालीन ड्यूटी लगाई गई है, ताकि रात के समय आग दोबारा भड़कने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। वन विभाग द्वारा आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
