ऐलनाबाद, 6 अप्रैल (रमेश भार्गव):
स्वर्गीय जननायक चौधरी देवीलाल की 25वीं पुण्यतिथि सोमवार को हरियाणा सहित पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर सर्वधर्म प्रार्थना सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों ने पूर्व उपप्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित स्वर्गीय चौधरी देवीलाल की समाधि संघर्ष स्थल पर आयोजित किया गया। इस दौरान अभय सिंह चौटाला सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरि सिंह राणा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला, संगठन सचिव उमेद लोहान, प्रदेश प्रधान महासचिव प्रताप सिंह, विधायक अदित्य देवीलाल, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी कर्ण चौटाला, विधायक अर्जुन चौटाला तथा प्रदेश सचिव प्रदीप गिल सहित देश-प्रदेश से आए अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इससे पहले अभय सिंह चौटाला ने संसद भवन परिसर में स्थापित चौधरी देवीलाल की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.एस. चौधरी, नीति एवं कार्यक्रम समिति के चेयरमैन पूर्व डीजीपी एम.एस. मलिक, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सतबीर सैनी और पार्टी सचिव नछत्तर सिंह मलहान ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

संघर्ष स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि स्वर्गीय चौधरी देवीलाल किसान, मजदूर और कमेरों के सच्चे मसीहा थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने छत्तीस बिरादरी और विशेषकर शोषित वर्ग के उत्थान के लिए कई जनकल्याणकारी नीतियां लागू कीं। उन्होंने बताया कि देवीलाल ने बुजुर्गों के सम्मान के लिए मासिक पेंशन योजना शुरू की, कर्ज में डूबे किसानों के कर्ज माफ किए तथा किसानों के ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन की श्रेणी से हटाकर गड्डा घोषित किया। इसके अलावा अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए चौपालों का निर्माण और महिलाओं के लिए जच्चा-बच्चा भत्ता जैसी योजनाएं भी लागू की गईं। अभय चौटाला ने कहा कि जननायक देवीलाल की नीतियों का अनुसरण करना ही इनेलो का प्रमुख उद्देश्य है। उनके पदचिह्नों पर चलकर ही सर्व समाज के लोगों का उत्थान संभव है और हरियाणा में लोकराज की पुनर्स्थापना की जा सकती है।
संवाददाता- रमेश भार्गव
