श्रीगंगानगर। जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने से नाराज धाणका समाज ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। धाणका जनजाति संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए और जल्द समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। समिति के सदस्यों का कहना है कि पिछले करीब 250 दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर धरना–प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस वजह से समाज के लोगों में भारी नाराजगी है। समिति के सदस्य धर्मेंद्र मौर्या ने बताया कि जाति प्रमाण-पत्र नहीं बनने से समाज के बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई बच्चों को आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, वहीं बीएड और बीएसटीसी जैसे कोर्सों में दाखिला भी अटका हुआ है। गरीब छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का लाभ भी नहीं मिल रहा, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। संघर्ष समिति ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 15 अप्रैल से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों की सभी तहसीलों में अनाज मंडियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। समाज के लोग मंडियों में काम नहीं करेंगे। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ी के भविष्य का सवाल है। यदि प्रशासन ने समय रहते मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक उग्र किया जाएगा।
