जालोर। नगर निकायों में फर्जी नियुक्तियां जारी करने के मामले में जालोर नगर परिषद के संस्थापन प्रभारी हीरालाल को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि हीरालाल ने एक ठग के साथ मिलकर 7 से 8 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए थे। पुलिस जांच के अनुसार, लालाराम नामक व्यक्ति ने बयान में बताया कि उसे राकेश नाम के व्यक्ति ने नगर परिषद में नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया था। इसके बदले उससे 3.50 लाख रुपए लिए गए। जांच में खुलासा हुआ कि राकेश यह फर्जी नियुक्ति पत्र नगर परिषद के संस्थापन प्रभारी हीरालाल से हासिल करता था। बताया जा रहा है कि हीरालाल अपने पास आयुक्त की मोहर रखता था और नियुक्ति पत्रों पर मोहर लगाकर राकेश को देता था। इसके बाद राकेश उन पत्रों पर हस्ताक्षर कर लोगों को नौकरी के नाम पर सौंप देता था। पूछताछ के दौरान हीरालाल ने 7–8 फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस के मुताबिक, जिस नगर परिषद भवन में राकेश फर्जी नौकरी का कार्यालय चला रहा था, उसका चार्ज भी हीरालाल के पास ही था। नगर परिषद प्रशासन ने दो बार उस भवन पर ताले लगवाए, लेकिन राकेश ने ताले तोड़कर फिर से वहां कार्यालय शुरू कर दिया। इसके बावजूद हीरालाल ने न तो उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी और न ही पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज करवाई। सूत्रों के अनुसार, हीरालाल ने तत्कालीन आयुक्त दिलीप माथुर से थानाधिकारी के नाम दो बार ताले तोड़ने की शिकायत के पत्र तो लिखवाए, लेकिन उन पत्रों को कभी थाने में जमा नहीं कराया गया। मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी हीरालाल को गिरफ्तार कर लिया है और उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
