हनुमानगढ़। जंक्शन पुलिस थाने में हाल ही में एक अलग पहल देखने को मिली, जहां थाना प्रभारी रामचंद्र कस्वां ने अपने चेंबर में बैठने के बजाय प्रवेश द्वार पर बने हेल्प डेस्क पर बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस पहल से थाने आने वाले आमजन को सीधे वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचने का अवसर मिला। आम तौर पर थाने का वातावरण लोगों में झिझक और भय उत्पन्न करता है, लेकिन हेल्प डेस्क पर थाना प्रभारी की मौजूदगी से माहौल सहज नजर आया। फरियादी बिना औपचारिकता के अपनी बात रख सके। कई लोगों ने बताया कि उन्हें पहली बार थाने में अपनी समस्या को गंभीरता से सुने जाने का अनुभव हुआ। थाना प्रभारी ने प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा कई मामलों में त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू करवाई। बुजुर्गांे, महिलाओं और दूर-दराज से आए परिवादियों को विशेष प्राथमिकता दी गई। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी पुलिस अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में यह पहल पुलिस-जन संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की व्यवस्था से पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ता है और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मानवीय व्यवहार की अहम भूमिका होती है। थाने में किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि पुलिसिंग केवल प्रशासनिक कार्यवाही तक सीमित नहीं, बल्कि जनविश्वास अर्जित करने का माध्यम भी है।
