जयपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते थे कि नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनें और उसी पद से रिटायर हों, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि वे शायद राज्यसभा सदस्य के रूप में ही रिटायर होंगे। यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार के साथ “बड़ा धोखा” किया है। शुक्रवार को जयपुर दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार और बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के कई दल चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन बीजेपी ने इस दिशा में बाधा डाली। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा कि बीजेपी आईटी सेल के जरिए वोट कटवाने का काम कर रही है और चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में बूथ स्तर पर विपक्षी दलों के वोट प्रभावित किए गए हैं। विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भारत “विश्व गुरु” बनने का मौका गंवा चुका है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के पास अवसर था कि वे इजराइल के बाद ईरान भी जाते, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की छवि और मजबूत होती। धार्मिक मुद्दों पर भी उन्होंने बीजेपी को घेरा और आरोप लगाया कि शंकराचार्यों का अपमान हो रहा है, जबकि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। राजस्थान में पार्टी के भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराना है, इसके बाद राजस्थान में संगठन को मजबूत किया जाएगा। महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि यह कानून जल्दबाजी में लाया गया है और 2011 की जनगणना के आधार पर आंकड़े तय करना महिलाओं के साथ न्याय नहीं है, जबकि इसे 2029 में लागू किया जाना है। बीजेपी के घोषणापत्र पर हमला बोलते हुए यादव ने कहा कि पार्टी अपनी पुरानी घोषणाओं पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने किसान आय दोगुनी करने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि आज महंगाई के दौर में इसकी सच्चाई पर सवाल उठना चाहिए। अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है।
