हनुमानगढ़। भारत की जनवादी नौजवान सभा गोलूवाला के अध्यक्ष के साथ कथित मारपीट के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा गोलूवाला थाना प्रभारी सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की संपत्ति की जांच एसीबी से करवाने की मांग को लेकर गुरुवार को डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। डीवाईएफआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर वर्मा ने आरोप लगाया कि गोलूवाला थाना पुलिस की ओर से दलितों पर हमला कर लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास के नारे की जिले में अनदेखी हो रही है और इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। वर्मा ने आरोप लगाया कि टिब्बी थाना क्षेत्र में हुए एक हत्या प्रकरण में 21 दिन तक परिजनों की सुनवाई नहीं की गई। वहीं गोलूवाला थाना पुलिस की ओर से एक दलित व्यक्ति को गिरफ्तार कर कथित रूप से मारपीट की गई, जिससे घायल पीड़ित को चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि गोलूवाला थाना क्षेत्र अपराधियों की शरणस्थली बनता जा रहा है तथा जिले के कई थाने लूट की दुकानें बनकर रह गए हैं। डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो गोलूवाला थाना एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
