ऐलनाबाद। जिला पुलिस द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण और साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में महिला थाना प्रभारी ने गांव केलनिया में पहुंचकर महिलाओं के साथ एक नुक्कड़ सभा आयोजित की और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों तथा बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं उपस्थित रहीं और पुलिस टीम द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना। नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए महिला थाना प्रभारी ने कहा कि नशा आज के समय की सबसे गंभीर सामाजिक समस्याओं में से एक है। नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है और परिवार आर्थिक, सामाजिक तथा मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं। इसलिए समाज के हर वर्ग को नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने महिलाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे नशा विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। महिलाएं अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत रखती हैं। यदि महिलाएं जागरूक होंगी और अपने परिवार के सदस्यों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगी तो समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। महिला थाना प्रभारी ने कहा कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नियमित रूप से ध्यान दें और उनके साथ खुलकर संवाद करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो बच्चों से बातचीत कर उन्हें सही मार्गदर्शन दें और उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशा बेचने या नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त दिखाई देता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस के सहयोग से ही नशे जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन के नेतृत्व में जिला पुलिस समय-समय पर गांवों, स्कूलों और विभिन्न सामाजिक मंचों पर सेमिनार, गोष्ठियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है और उन्हें नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए महिला शक्ति का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

नुक्कड़ सभा के दौरान महिला पुलिस टीम ने साइबर अपराधों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे लोगों का जीवन काफी आसान हो गया है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से धोखा देकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने का प्रयास करते हैं। पुलिस टीम ने उपस्थित महिलाओं और युवाओं को जागरूक करते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि व्हाट्सएप, ई-मेल या सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक को बिना जांचे न खोलें। इसके अलावा बैंक खाते से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी, जैसे ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। महिला पुलिस टीम ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर साइबर हेल्प डेस्क से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में महिला पुलिस टीम ने सभी उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे जागरूक रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जागरूकता के माध्यम से ही नशे और साइबर अपराध जैसी समस्याओं से प्रभावी रूप से निपटा जा सकता है और एक सुरक्षित, स्वस्थ तथा जागरूक समाज का निर्माण किया जा सकता है।
