लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले 72 घंटों से जारी आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण किसानों की गेहूं और सरसों की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार शाम से शुरू हुआ खराब मौसम रविवार को भी जारी रहा। काशी, गोंडा, सल्तानपुर समेत करीब 10 जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रही, जबकि कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। कानपुर, मथुरा, संभल और हाथरस में ओलावृष्टि हुई, वहीं जालौन में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ओले गिरने से सड़क और खेतों में बर्फ की चादर जैसी स्थिति बन गई। ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर मायूस नजर आए। जालौन के एक किसान ने खेत में बैठकर कहा कि पूरी फसल बर्बाद हो गई और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कानपुर में आंधी के कारण हालात ज्यादा गंभीर रहे।

तेज हवाओं से 200 से अधिक पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। एक चल रहे ऑटो पर बरगद का पेड़ गिरने से ऑटो चालक और करीब 60 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सीतापुर में बिजली गिरने से एक घर में आग लग गई, जिसमें मां और बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं सिद्धार्थनगर में आंधी और बारिश के बीच एक बोलेरो वाहन नहर में गिर गया। इस हादसे में एक महिला और पांच महीने के मासूम की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि फिलहाल अगले एक-दो दिनों तक ज्यादातर जगहों पर मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 7 अप्रैल से फिर मौसम में बदलाव हो सकता है। उस दौरान आंधी-तूफान के साथ बारिश होने और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है।

यह स्थिति 9 अप्रैल तक बनी रह सकती है। आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में सबसे अधिक चार मौतें कानपुर में हुई हैं। इसके अलावा सीतापुर में तीन, जबकि वाराणसी, चित्रकूट, सिद्धार्थनगर और ललितपुर में दो-दो लोगों की जान गई है। इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान के आकलन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी है और निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं जान-माल या पशुधन का नुकसान हुआ है या कोई घायल हुआ है, तो 24 घंटे के भीतर पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए।
